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दुष्यंत-दिग्विजय के निष्कासन पर कैथल में इनेलो में बड़ी प्रतिक्रिया

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इनेलो के 60 पदाधिकारियों ने दिया पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा
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कहा-नारे लगाना यदि गलत है तो रामपाल माजरा व अशोक अरोड़ा का भी होना चाहिए निष्कासन
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। दुष्यंत व दिग्विजय के निलंबन के बाद कैथल में इनेलो में बड़ी प्रतिक्रिया हुई है। पूर्व युवा जिला अध्यक्ष, जिला प्रवक्ता, जाट कॉलेज पूर्व प्रधान सहित पार्टी के 60 छोटे व बड़े पदाधिकारियों ने इनेलो की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफे का एलान किया है।
होटल गुडविल में मीडिया से बातचीत में पार्टी छोड़ने वाले इनेलो व इनसो पदाधिकारियों ने शहर के एक होटल में पत्रकार वार्ता कर सामूहिक रूप से इस्तीफे दिए। पार्टी छोड़ने वालों में इनसो के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष रहे राजू ढुल पाई, पूर्व प्रवक्ता हरदीप पाडला, जाट शिक्षण संस्थान के पूर्व प्रधान बलवान सिंह कोटड़ा, इनेलो युवा कार्यकारिणी के पूर्व प्रधान बलराज सिंह नौच, पूर्व विधायक स्व. मक्खन सिंह के बेटे रणदीप कौल, संदीप छौत, चंद्रभान दयोरा, संपूर्ण गोयल, मांगे राम ढुल, प्रेम सिंह ग्योंग, संजय जागलान, राजू जुलानी खेड़ा, रामकुमार जांगड़ा, पूर्व हल्का प्रधान मा. प्रेम ग्योंग, संपूर्ण कोयल, संजय जागलान, राजेंद्र सरपंच सेगा, जसमेर ढांडा, सोहन लाल कठवाड़, लीला राम म्यौली, सत्यवान सिसमौर, इनसो के पूर्व जिला अध्यक्ष दर्पण मित्तल, इनसो राष्ट्रीय उप प्रधान जयवीर ढांडा, युवा इनलो हल्का प्रधान कैथल शुभम गुप्ता गुप्ता, युवा हल्का प्रधान पूंडरी विक्रम म्योली, जिला चेयरमैन कुलदीप सीवन सहित 60 पदाधिकारियों ने पार्टी से इस्तीफा देने का ऐलान किया।
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राजू ढुल पाई, बलराज नौच, बलवान कोटड़ा व संदीप धारीवाल ने कहा कि इनेलो के इस पौधे को पूर्व उप प्रधानमंत्री स्व. देवीलाल ने लगाया था। पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला व अजय सिंह चौटाला ने इसे सींचा। अजय सिंह चौटाला ने राय मलिकपुर से चंडीगढ़ तक 600 किलोमीटर की पद यात्रा निकाली। इस यात्रा के कारण ही पिछले विस चुनाव में इनेलो 32 सीटें जीतने में सफल रहीं। अजय के जेल जाने के बाद दोनों भाइयों ने इस पार्टी को आगे बढ़ाने का काम किया। उन्होंने कहा कि तीन-चार चापलूस नेताओं की वजह से यह परिवार टूटा है, जो कार्यक्रम सांसद दुष्यंत व दिग्विजय सिंह ने पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए शुरू किए थे, उन सभी को बंद कर दिया गया। अभय सिंह चौटाला की सोच है कि इस पार्टी पर कब्जा कर लिया जाए, लेकिन ऐसा नहीं होगा। अब वे इस फैसले को लेकर जनता के बीच में जाएंगे। दुष्यंत जनता की आवाज है। जनता सब जानती है कि किसने इनेलो पार्टी को आगे बढ़ाने का काम किया। वे कांग्रेसी या भाजपाई नहीं, बल्कि जन्म से इनेलो के कार्यकर्ता हैं। पांच को अजय चौटाला जेल से बाहर आ रहे हैं। दिल्ली में उनके निवास पर जो बैठक होगी और इसमें जो फैसला लिया जाएगा वे उन्हें मजबूर होगा। अजय, दुष्यंत व दिग्विजय ही उनके नेता हैं।

रणदीप सुरजेवाला अपनी साजिश में रहे कामयाब
पूर्व युवा जिला अध्यक्ष बलराज नौच ने कहा कि रणदीप सुरजेवाला इनेलो में कैथल के अपने मित्र नेता के माध्यम से फूट डालने में कामयाब रहे। यदि नारे लगाने से ही निष्कासन होता है तो पार्टी अध्यक्ष अशोक अरोड़ा व रामपाल माजरा का भी निष्कासन होना चाहिए। जिन्होंने अभय चौटाला के सीएम बनने का बयान दिया था। प्रदेश का युवा दुष्यंत के साथ है।

बाहर से लाए गए हैं जिलास्तरीय सम्मेलन में के लिए पदाधिकारी
पार्टी छोड़ने वाले पदाधिकारियों ने कहा कि जिलास्तरीय बैठक में हजारों लोग पहुंचने का आह्वान किया गया था। शनिवार को कैथल में आयोजित हुई अभय सिंह चौटाला की रैली पूरी तरह से फ्लॉप रही। जींद सहित दूसरे जिलों से गाड़ियां लाई गई थीं। जब भी दुष्यंत का कोई कार्यक्रम होगा, जितनी भीड़ इस रैली में जुटी हैं, उतनी संख्या में तो वे महिलाओं की लेकर आएंगे।

ये हैं दुष्यंत और दिग्विजय के साथ
पूर्व युवा जिला अध्यक्ष बलराज नौच, जाट कॉलेज प्रबंधक समिति के पूर्व प्रधान बलवान सिंह कोटड़ा, युवा नेता राजू ढुल पाई, संदीप धारीवाल, पूर्व विधायक मक्खन सिंह के पुत्र रणदीप कौल, पूर्व हल्का प्रधान मा. प्रेम ग्योंग, चंद्रभान दयौरा, संपूर्ण कोयल, संजय जागलान, प्रवक्ता हरदीप पाड़ला, राजेंद्र सरपंच सेगा, जसमेर ढांडा, सोहन लाल कठवाड़, लीला राम म्यौली, राजू जुलानी खेड़ा, मांगें राम ढुल, सत्यवान सिसमौर, इनसो के पूर्व जिला अध्यक्ष दर्पण मित्तल, इनसो राष्ट्रीय उप प्रधान जयवीर ढांडा, युवा इनलो हलका प्रधान कैथल शुभम गुप्ता गुप्ता, युवा हलका प्रधान पूंडरी विक्रम म्योली, जिला चेयरमैन कुलदीप सीवन सहित 60 पदाधिकारियों ने पार्टी के प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया है।
ये हैं अभय के साथ-पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा, पूर्व मंत्री सुरेंद्र मदान, प्रदेश कार्यकारिणी में आमंत्रित सदस्य एवं सरपंच रामफल मलिक खुराना, कानूनी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष शशि वालिया, पूर्व विधायक बूटा सिंह, संतोष दहिया, सुल्तान मुन्नारेहड़ी, अधिवक्ता पवन ढुल, डॉ. मेहर सिंह सैनी, काला खरक प्रधान, रामफल मोर, रिटायर्ड अधिकारी जोगी राम पूंडरी, ईश्वर मैहला, ओमप्रकाश कैरा, कृष्ण बंसल, पूर्व सरपंच संजीव छौत, युवा इनेलो जिलाध्यक्ष अनिल तंवर, काला प्यौदा, सरपंच राजा राम माजरा, पूर्व सरपंच सुरेंद्र चंदाना, जसमेर तितरम, युवा हलका प्रधान मोनी बालू, जाट शिक्षा समिति के प्रधान रणबीर ढुल फौजी, मियां सिंह जाजनपुर, मा. बलबीर मटौर, जिला पार्षद सुरजीत पबनावा, रामदिया चावरिया, संदीप जुलानीखेड़ा, शमशेर कुराड़, प्रदीप सिंहमार, राममेहर खुराना, कृष्ण बंसल सहित अन्य वे पदाधिकारी, जो विरोधी गुट में नहीं गए। अभय चौटाला के साथ बताए जा रहे हैं।

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इस मौके पर पूर्व मंत्री सुरेंद्र मदान, प्रदेश कार्यकारिणी में आमंत्रित सदस्य एवं सरपंच रामफल मलिक खुराना, कानूनी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष शशाी वालिया, पूर्व विधायक बूटा सिंह, संतोष दहिया, सुल्तान मुन्नारेहड़ी, अधिवक्ता पवन ढुल, डा. मेहर सिंह सैनी, काला खरक प्रधान, रामफल मोर, रिटायर्ड अधिकारी जोगी राम पूंडरी, ईश्वर मैहला, ओमप्रकाश कैरा, कृष्ण बंसल, पूर्व सरपंच संजीव छौत, युवा इनैलो जिलाध्यक्ष अनिल तंवर, काला प्यौदा, सरपंच राजा राम माजरा, पूर्व सरपंच सुरेंद्र चंदाना, जसमेर तितरम, युवा हलका प्रधान मोनी बालू, जाट शिक्षा समिति के प्रधान रणबीर ढुल फौजी, मियां सिंह जाजनपुर, मा. बलबीर मटौर, जिला पार्षद सुरजीत पबनावा, रामदिया चावरिया, संदीप जुलानीखेड़ा, शमशेर कुराड़, कृष्ण वाल्मीकि चीकू, प्रदीप सिंहमार, राममेहर खुराना, कृष्ण सौंगल, बसपा पदाधिकारियों में डॉ. रोहताश रंगा लोकसभा कुरुक्षेत्र प्रभारी, बलबीर धेरडू जिला प्रभारी, महेंद्र कुराड, दलबीर भान, राजेश कैलरम, बसपा जिलाध्यक्ष विरेंद्र सजूमा, जिला उपाध्यक्ष रमेश कश्यप, डॉ. रमेश प्रजापत, सीमा माथुर, मीना बाई, ओमप्रकाश मानस, रामसिंह गुर्जर, शमशेर रंगा, होशियार सिंह जाखौली, शिसन सांच, सुभाष नंदगढ़, सुषमा बोद्ध, मूर्ति देवी, सुरजमल सांघन, दयानंद कश्यप सहित कई इनेलो-बसपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।
उधर, शुक्रवार को सांसद दुष्यंत चौटाला व दिग्विजय के निलंबन के बाद चल रहे इस्तीफों के दौर में भी पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा जिलास्तरीय बैठक के लिए पर्याप्त भीड़ जुटाने में कामयाब हो गए। हालांकि विरोधियों का कहना है कि दूसरे जिलों से भी लोग लाए गए।
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इन्होंने थामा इनेलो का दामन
अभय की उपस्थिति में अन्य दल छोड़कर बलविंद्र सैनी, राहुल, हरप्रीत, प्रदीप सैनी, सौरभ, गौरव, जस्सु सैनी, नरेश शर्मा, बलराज कश्यप, अनूप, हुक्कम सैनी सहित सैकड़ों युवाओं ने इनेलो में शामिल होने की घोषणा की।
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