अभी तक केवल चार मरीजों को ही मिला लाभ
जिले में आयुष्मान भारत योजना का हाल, 80 हजार में से अभी तक महज एक हजार के बने कार्ड
आर्थिक, सामाजिक जनगणना में जिनका है नाम, उनके नाम से भी नहीं बन पा रहे हैं कार्ड
- अभी तक योजना से शहर में दो अस्पताल जुड़े
फोटो नंबर-23 से 25
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गरीबों को स्वास्थ्य सेवा के लिए पांच लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देनेे वाली प्रधानमंत्री की आयुष्मान भारत योजना जिले में अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाई है। विभाग की ओर से केंद्र सरकार की इस योजना में जिले के करीब 80 हजार लोगों को लाभ देने का दावा है। लेकिन अभी तक पूरे जिले में महज एक हजार कार्ड बन सके हैं। इसके तहत लाभ का 10 प्रतिशत भी विभाग जरूरतमंदों को नहीं दे पाया है। इस योजना को लेकर लोगों को अभी तक पूरी जानकारी भी नहीं मिल पा रही है। दूसरा विभाग लोगों को लाभ देने के लिए कोई जानकारी हासिल न करके केवल उन्हीं लोगों की जानकारी हासिल कर रहा है जो केवल अस्पताल में अपना इलाज करवाने के लिए आते हैं।
अभी तक केवल चार मरीजों को ही दे पाए हैं लाभ : स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में कुल 80 हजार लोगों को इस योजना का लाभ मिलना है। लेकिन अभी तक केवल एक हजार लोगों के इस योजना के कार्ड बनाए गए है। इसके तहत भी कई ऐसे केस भी है जिसमें केवल परिवार के मुखिया का नाम ही सर्वे में है। अन्य सदस्यों का नाम ही नहीं है। इसके साथ ही पूरे जिले में केवल दो निजी अस्पताल ही सरकार के पैनल में हैं।
इन लोगों को मिला है योजना का लाभ : आयुष्मान योजना के तहत अभी तक चार लोगों को इसका लाभ मिला चुका है। जिसमें टीक निवासी नेकी राम, चंदाना गेट निवासी ओमप्रकाश, सेरधा निवासी सोनिया व सरोज शामिल हैं।
आर्थिक सामाजिक जनगणना में जिनका नाम है, उनके नाम से भी नहीं बन पा रहा है कार्ड : आयुष्मान योजना के तहत विभाग की कमियों के चलते कई लोग ऐसे भी हैं जो इसके लाभार्थी हैं। लेकिन इसके बावजूद वे इसका लाभ नहीं ले पा रहे है। गांव पाडला निवासी संदीप ने बताया कि उसके परिवार सामाजिक व आर्थिक जनगणना के अनुसार इस योजना का लाभार्थी है। उसके बावजूद उसका नाम इस लिस्ट में नहीं है।
तकनीकी कारणों से परेशानी : आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी संदीप जैन ने बताया कि विभाग की ओर से इस योजना का गरीबों व जरूरतमंदों को लाभ देने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। कुछ दिन पहले इस योजना के तहत सॉफ्टवेयर अपडेट प्रणाली के कारण कार्य रुक गया था। जिस कारण थोड़ी परेशानी आई है। अब इस पर कार्य किया जा रहा है। लाभार्थियों से फोन व अन्य तरीकों से संपर्क कर उनके कार्ड बनाने का कार्य किया जा रहा है।