असंतुष्ट पार्षदों को बातचीत के लिए बुलाया जा सकता है चडीगढ़
जिला प्रशासन ने अविश्वास की मीटिंग के लिए नहीं दिया समय
यशपाल प्रजापति व पार्षद हरियाणा भाजपा प्रवक्ता राजीव जैन से मिले
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पिछले 15 दिनों से कैथल नगर परिषद चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव मामले को बुधवार को यशपाल प्रजापति व समर्थक पार्षद चंडीगढ़ में राजीव जैन से मिले। जानकारी के अनुसार पार्षद सीएम से मिलने के लिए गए थे। लेकिन वहां उन्हें सीएम तो नहीं मिले, लेकिन हरियाणा भाजपा प्रवक्ता एवं स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन के पति राजीव जैन से उनकी मुलाकात हुई। राजीव जैन ने चेयरमैन व पार्षदों से मामले की पूरी जानकारी हासिल की। चेयरमैन ने कहा कि इस समय उनके साथ 9 पार्षद हैं और 3 पार्षद उनके संपर्क में है, जो समय आने पर उनके साथ होंगे। बताया जा रहा है कि राजीव जैन ने नाराज पार्षदों को भी बातचीत के लिए बुलाया गया था। लेकिन उन्होंने चेयरमैन के इस्तीफे से पहले किसी भी बातचीत से इंकार कर दिया है। अगले 2-3 दिनों में भाजपा के नाराज 14 पार्षदों को फिर बातचीत के लिए चंडीगढ़ बुलाया जा सकता है। उधर पार्षद प्रतिनिधि एवं अधिवक्ता धर्मबीर भोला ने कहा कि हाईकोर्ट में आज उनकी रिट डल गई है। एक-दो दिन में तारीख लग जाएगी। जिला प्रशासन सरकार के दबाव में है, अब तो उन्हें हाईकोर्ट से ही उम्मीद है। नगर परिषद मामले को देख रही एसडीएम कमलप्रीत कौर ने कहा कि अभी अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए मिटिंग तारीख तय नहीं की गई है।
यशपाल प्रजापति ही रहेंगे चेयरमैन - नौ सदस्यीय कमेटी के सदस्य रविभूषण गर्ग ने बताया कि यशपाल प्रजापति हर हाल में चेयरमैन रहेंगे। उनके पास बहुमत है। जिसको समय आने पर सिद्व कर देंगे।
वार्ड का नहीं हुआ विकास-सीएम के पब्लिसिटी एडवाइजर रॉकी मित्तल ने बताया कि कि वह सरकार के विकास का प्रचार प्रसार कर रहे है। पूरे प्रदेश में विकास की लहर चल रही है। लेकिन उनके वार्ड वार्ड का विकास नहीं हुआ है। लोग उम्मीद से उनके पास आ रहे है। सरकार के मंत्रियों चाहिए कि इस मामले का निपटाकर शहर के विकास में ओर अग्रसर करवाएं।
पार्षद नरेश मित्तल ने बताया कि उनके वार्ड के विकास में चेयरमैन यशपाल प्रजापति टेंडर नहीं होने देते है। वह विकास में रोड़ा बन रहे है। वह भाजपा के साथ है ओर हमेशा भाजपा के साथ ही रहेंगे। वार्ड के लोगों ने उनको पार्षद चुना है। विकास न होने के कारण वह असंतुष्ट चल रहे है।
चेयरमैन यशपाल प्रजापति ने बताया कि वार्ड के टेंडर ई प्रणाली से होते है। इसमें कोई नहीं रोक सकता है। किसी वार्ड के विकास में उन्होंने भेदभाव नहीं किया।