कैथल। पिछले बीस वर्ष में शहर में आबादी बेशक दोगुनी हो गई है। लेकिन जनसंख्या के हिसाब से सरकारी स्कूल नहीं बढ़े हैं। शहर में महज दो स्कूल खुले हैं। जबकि शहर का एरिया भी कई किलोमीटर दूर तक बढ़ गया है। शहर में ही विद्यार्थियों को पांच-पांच किलोमीटर दूर तक पैदल जाकर कक्षाएं लगानी पड़ रही हैं। जिससे कई हादसे हो चुके हैं। वहीं कइयों की जान भी जा चुकी है। अध्यापक संघ सहित शहर की कई कालोनियों के लोग सरकारी स्कूल खोलने की मांग कर चुके हैं। लेकिन विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
शहर में इन जगहों पर स्कूल खोलने की जरूरत शहर में बैंक कॉलोनी, हरिनगर, रजनी कॉलोनी के क्षेत्र में, प्यौदा रोड अंदर व बाहर के क्षेत्र, प्रताप गेट व डोगरा गेट के बाहर क्षेत्र, महादेव कॉलोनी सिरटा रोड, अंबाला रोड बाईपास, राधा-स्वामी कॉलोनी, चिरंजीव कॉलोनी, नए बस स्टैंड के पास भगत सिंह कॉलोनी, डिफैंस कॉलोनी, खुराना रोड डीएवी कॉलोनी में स्कूल खोलने के आवश्यकता है। इन कालोनियों में सरकारी स्कूल ना होने के कारण प्राइवेट स्कूलों में बच्चों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं अभिभावक भी ज्यादा फीस देने पर मजबूर हैं। आलम यह है कि पूरे प्रदेश में सरकारी स्कूलों व निजी स्कूलों में बच्चों की संख्या का अनुपात 40:60 है। जबकि कैथल में यह 45:55 तक पहुंच गया है। इस कारण यहां सरकारी स्कूलों की जरूरत है।
कई किलोमीटर का सफर करते हैं तय
सरकारी स्कूलों के अभाव में बच्चों को करनाल रोड के दोनों ओर बाईपास के बाहर की बस्तियों से लेकर शहर के अंदर अमरगढ़ गामड़ी, हरसौला बस्ती एवं गांव शेरगढ़ स्थित स्कूल तक पैदल सफर तय करना पड़ता है। एक बच्चे की करीब छह माह पूर्व नेशनल हाइवे पर सड़क हादसे में दर्दनाक मौत भी हो चुकी है। छात्रा मोनिका, पुष्पा, योगिता, कविता, मनीषा ने बताया कि वह नए बस स्टैंड के पास से शहर के स्कूल में आती है। वह करीब चार किलोमीटर दूर है। ऐसे में आने व जाने में काफी परेशानी होती है।
20 साल में खुले हैं केवल दो स्कूल
पिछले दो दशकों में जिले में केवल दो ही स्कूल खुले हैं। जिसमें से एक सीनियर सेकेंडरी है और एक प्राथमिक स्कूल है। सीनियर सेकेंडरी स्कूल जाखौली अड्डा पर बनाया गया था। जबकि एक प्राथमिक स्कूल हरसोला बस्ती में खोला गया है।
आबादी व क्षेत्र के अनुसार खोले जाएं स्कूल
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान सतबीर गोयत ने बताया कि संघ काफी लंबे समय से स्कूल खोलने की मांग कर रहा है। मंत्री, विधायक, डीसी, शिक्षामंत्री, नगर परिषद चेयरमैन को भी मांग पत्र दिया है। आबादी के अनुसार शहर में स्कूल खुलने चाहिए।
उप जिला शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही ने बताया कि हरियाणा में सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का अनुपात के अनुसार सरकारी स्कूलों में 40 प्रतिशत व गैर सरकारी स्कूलों में 60 प्रतिशत है। जबकि कैथल जिले में सरकारी स्कूलों में 45 प्रतिशत व गैर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे 55 प्रतिशत हैं। स्कूलों में बच्चों कमी के कारण बड़े स्कूलों में विलय हो रहा है। क्षेत्र व आबादी के अनुसार स्कूल खोलने के निर्णय सरकार का है। जरूरत अनुसार सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी।