कैथल। गांव सजूमा में हेपेटाइटिस-ए और टायफाइड की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की निगरानी लगातार जारी है। शुक्रवार को विभाग ने हेपेटाइटिस-ए के लिए 20 और टायफाइड के लिए 16 संदिग्ध लोगों के सैंपल लिए। राहत की बात यह रही कि किसी भी नए मरीज की पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग अब तक कुल 162 संदिग्धों के सैंपल लेकर जांच करा चुका है।
गांव की 11 वर्षीय बच्ची की पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि बच्ची की मौत दूषित पानी पीने से हुई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की जांच में गांव में हेपेटाइटिस-ए के कई मामले सामने आए। प्रशासन की जांच में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की मुख्य पेयजल पाइपलाइन कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त मिली, जबकि कई निजी पानी के कनेक्शनों में भी लीकेज पाई गई। ग्रामीणों का आरोप है कि बोरवेल से घरों तक पहुंचाया जा रहा पानी पीने योग्य नहीं है और गांव के तीन सबमर्सिबल में से दो के पानी के नमूने भी जांच में फेल पाए गए।
1052 घरों का सर्वे, एक और लीकेज मिला
स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम और सिविल सर्जन की टीम प्रभावित क्षेत्र में लगातार घर-घर सर्वे कर रही है। पूरे गांव का दो बार सर्वे पूरा किया जा चुका है, जबकि तीसरे चरण का सर्वे जारी है। शुक्रवार को 1052 घरों का सर्वे किया गया। इस दौरान पेयजल लाइन में एक नया लीकेज मिला जिसकी मरम्मत जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से कराई जा रही है।
संक्रमण की रोकथाम के लिए विभाग ने शुक्रवार को 500 हैलोजन टैबलेट, 48 ओआरएस पैकेट और 28 जिंक की गोलियां वितरित कीं। अब तक गांव में कुल 21,538 हैलोजन टैबलेट, 851 ओआरएस पैकेट और 326 जिंक की गोलियां लोगों को उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।
गांव में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी लगातार जारी है। संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर जांच कराई जा रही है। फिलहाल कोई नया मामला सामने नहीं आया है। संक्रमण की रोकथाम के लिए सर्वे, दवा वितरण और पेयजल व्यवस्था की निगरानी लगातार की जा रही है।- डॉ. रेणु चावला, सिविल सर्जन, कैथल
एक घर में जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद