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रोडवेज कर्मचारियों की चक्का जाम हड़ताल को लेकर छह यूनियनों के अलग अलग सुर

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चक्का जाम का सिर्फ दो यूनियनों का समर्थन, बाकी ने किया किनारा
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- एसकेएस, बीएमएस व महासंघ ने किया चक्का जाम से किनारा, ऑल हरियाणा रोडवेज यूनियन व क्लेरीकल स्टाफ की यूनियन ने बैठक कर बनाई रणनीति

फोटो नंबर-03 व 04
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। एस्मा के विरोध में बुधवार से होने वाले चक्का जाम को लेकर रोडवेज यूनियन बंट गई हैं। हड़ताल को लेकर यूनियनों में आपस में फूट की स्थिति बन गई है। केवल दो यूनियन ही चक्का जाम करने का समर्थन कर रही है। जबकि अन्य यूनियन हड़ताल का नैतिक रूप से समर्थन तो करेगी, लेकिन चक्का जाम में हिस्सा नहीं लेगी।
बता दें कि सरकार द्वारा रोडवेज कर्मचारियों पर एस्मा लागू किए जाने के विरोध में प्रदेशभर में बुधवार को रोडवेज कर्मचारी बसों का चक्का जाम करेंगे। लेकिन इससे पूर्व ही शहर में रोडवेज यूनियनों की आपसी कलह सामने आ गई। एसकेएस का कहना है कि एस्मा का वे विरोध करते हैं, लेकिन चक्का जाम की हड़ताल पर वे दूसरी यूनियन को केवल नैतिक रूप से समर्थन दे रहे हैं। वहीं बीएमएस व हरियाणा कर्मचारी महासंघ ने चक्का जाम की हड़ताल से बिल्कुल साफ शब्दों में किनारा कर लिया है। वहीं हड़ताल करने वाली ऑल हरियाणा रोडवेज यूनियन व क्लेरीकल स्टाफ की यूनियन ने बुधवार को बैठक कर इसकी रणनीति तो तैयार की है।
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बीएमएस ने किया किनारा : बीएमएस के राज्य उप प्रधान मांगे राम व महासचिव धर्मबीर सीवन ने कहा कि सरकार द्वारा लगाई गई एस्मा का वे कड़ा विरोध करते है। लेकिन चक्का जाम में हिस्सा नहीं लेंगे। उनकी यूनियन जनता को बिल्कुल भी परेशान नहीं करना चाहती। एस्मा के विरोध में नौ सितंबर को जिलास्तर पर प्रदर्शन कर सरकार को चेताएंगे। यदि भविष्य में समस्या का कोई समाधान नहीं होता तो वे आगे आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे।
महासंघ भी नहीं लेगा चक्का जाम में हिस्सा : हरियाणा कर्मचारी महासंघ की रोडवेज कर्मचारी महासंघ यूनियन भी चक्का जाम में हिस्सा नहीं लेगी। यूनियन के राज्य प्रधान पहल सिंह तंवर ने कहा कि उनकी यूनियन भी सरकार द्वारा लगाई एस्मा का पूरी तरह से विरोध करती है। लेकिन इस पर अभी चक्का जाम करने का कोई फैसला नहीं लिया गया और न ही बुधवार को होने वाली चक्का जाम में हिस्सा लिया जाएगा। एस्मा के विरोध में छह सितंबर को पूरे प्रदेश में जिलास्तर पर प्रदर्शन कर डीसी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
एसकेएस ने नैतिक रूप से समर्थन देने की विज्ञप्ति की जारी : एसकेएस ने कर्मचारियों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों पर एस्मा लागू करने को घोर अलोकतांत्रिक कदम बताया है। इस पर एसकेएस के पदाधिकारियों ने कहा कि रोडवेज कर्मचारी एस्मा व दमनकारी नीतियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। जरूरत पड़ने पर संयुक्त निर्णायक आंदोलन किया जाएगा। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र सिंह धनखड़, इन्द्र सिंह बधाना, सरबत सिंह पूनिया एवं पहल सिंह तंवर ने संयुक्त बयान में एस्मा लगाने की कड़े शब्दों में निन्दा की। उन्होंने कहा कि रोडवेज कर्मचारी किसी भी सूरत में दमनात्मक कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेंगे। एसकेएस के राज्य उप प्रधान ने कहा कि सर्व कर्मचारी संघ से संबधित रोडवेज कर्मचारी यूनियन बुधवार के चक्का जाम में हिस्सा नहीं लेगा। इसका नैतिक रूप से समर्थन किया गया है। जरूरत पड़ने पर ही चक्का जाम का कदम उठाया जाएगा।
क्लेरीकल स्टाफ एसोसिएशन ने किया समर्थन का एलान : हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन के अह्वान पर डिपो में क्लेरीकल स्टाफ एसोसिएशन की गेट मीटिंग हुई। अध्यक्षता ऑल हरियाणा रोडवेज ज्वाइंट एक्शन कमेटी के वरिष्ठ राज्य प्रधान जय भगवान कादियान ने की। मीटिंग में जो हरियाणा सरकार 720 प्राइवेट बसें हायर कर लगभग 40 और 42 रुपये प्रति किलोमीटर स्कीम के तहत ले रही है उसकी पुरजोर निंदा की गई। यूनियन ने पांच सितंबर की चक्का जाम को समर्थन देने का फैसला किया है। इस अवसर पर डिपो प्रधान, ज्ञान सिंह दीवाल, प्रधान राजबीर भाणा, प्रधान रामचरण शर्मा, प्रधान राजेंद्र शर्मा, प्रधान महीपाल राणा, प्रधान ओम दयाल, बलराज, चुहड़ सिंह, राजेंद्र, उप प्रधान रघुबीर सिंह कैशियर व मिनिस्ट्रियल स्टाफ के सभी सदस्यों के साथ सचिव विमल कुमार ग्योंग, सचिव सुशील शर्मा, सतबीर भाणा, सतपाल शर्मा, सुबेसिंह, रविंद्र शर्मा, वीरभान सिंह व नरेश आदि मौजूद रहे।
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डीसी ने जिला के सभी बस स्टैंड परिसर में लगाई धारा 144 :
कैथल। डीसी धर्मवीर सिंह ने हरियाणा परिवहन कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के 5 सितंबर को धरना प्रदर्शन के आह्वान पर जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा आम जन की जान-माल की सुरक्षा करने के लिए बस स्टैंडों की सीमा में धारा 144 लगा दी है। यह आदेश आगामी आदेशों तक जारी रहेंगे। इसके तहत कैथल, कलायत, राजौंद, पूंडरी, चीका, ढांड बस स्टैंडों की सीमा में 5 या इससे अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने रोक लगा दी है। साथ ही तलवार, लाठी, बरछा, कुल्हाड़ी, जेली, गंडासी, चाकू और हथियार के तौर पर प्रयोग की जाने वाली अन्य वस्तु लेकर चलने पर भी पूर्ण पाबंदी रहेगी। इन आदेशों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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