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कभी सोचा न था कि मां, हमें तुम छोड़ जाओगी, बुलाने से, मनाने से कभी वापिस न आओगी

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कभी सोचा न था कि मां, हमें तुम छोड़ जाओगी, बुलाने से, मनाने से कभी वापिस न आओगी
साहित्य अमृत सभा द्वारा चीका में काव्य गोष्ठी का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। साहित्य अमृत सभा गुहला चीका द्वारा मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन स्थानीय परशुराम धर्मशाला चीका के प्रांगण में धर्मशाला के अध्यक्ष रामकिशन की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। मंच संचालन कमल ङ्क्षसगला ने किया। काव्य गोष्ठी में हलके के प्रबुद्ध कवियों व लेखकों ने अपनी रचना का कविता पाठ किया। गोष्ठी के आरंभ में समां बांधते हुए इंद्रजीत शर्मा ने अपनी कविता इस प्रकार कही- यादगारें सदा याद रहनी चाहिए, अक्सर लोग अपनों को भूल जाते हैं। राजेंद्र शास्त्री ने अपना काव्य पाठ संस्कृति भाषा में किया। कुलभूषण शर्मा ने मां की याद में अपनी रचना यूं सुनाई-कभी सोचा न था कि मां, हमें तुम छोड़ जाओगी। बुलाने से, मनाने से कभी वापिस न आओगी। विजेंद्र कौशल ने बेनी प्रसाद की कविता को पढ़ा। चेतन चौहान ने वक्त की नजाकत पर कटाक्ष करते हुए अपनी गजल यूं सुनाई-ये भी तो अपना बड़ा इम्तिहान है, चुप हैं जबकि लब हैं, मुंह में जुबान है।। मानविंद्र सिंह ने भी मां की महिमा पर जहां प्रकाश डाला, वहीं कमल सिंगला ने मां-बाप व अन्य रिश्तों पर अपने विचार यूं व्यक्त किए-पियो तो वदके दुनिया दे विच छां नी हुंदी। कौन सुनांदा लोरियां जे मां ना हुंदी। दिलराज शास्त्री व धनी राम शर्मा, सत्यवान, यादविंद्र सिंह, सोमनाथ ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर समां बांध दिया। इस अवसर पर साहित्य अमृत सभा के प्रधान गणेश दत्त शास्त्री जी ने आज के हालत पर कटाक्ष करते हुए चंद लाइनें यूं प्रस्तुत की वो कितना भोला है ले जाता है बेटी को मेले में, जानता नहीं भीड़ तंत्र के राज को, मानव निर्मित झूठे सभ्य समाज को’। इस अवसर पर अपने अध्यक्ष भाषण में पंडित रामकिशन शर्मा ने साहित्य अमृत के गठन पर सभी बुद्धिजीवियों को बधाई देते हुए भगवान परशुराम धर्मशाला समिति की तरफ से हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। सभा के अंत में यह निर्णय लिया गया कि हर मास के अंतिम रविवार को धर्मशाला में काव्य गोष्ठी का आयोजन यथावत किया जाएगा। अमृत सभा के प्रधान गणेश दत्त शास्त्री ने बताया कि आने वाली 14 सितंबर को अमृत सभा द्वारा हिंदी दिवस के अवसर पर एक विशाल काव्य गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा जिसमें प्रदेशभर से नामचीन कवियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
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