कलायत के सजूमा में बच्चों की जांच के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे ग्रामीणों की भीड़
कैथल/कलायत। गांव सजूमा में गंदे पानी की आपूर्ति से बिगड़े हालात अब भी नियंत्रण से बाहर हैं। रविवार को भी गांव में 19 नए संदिग्ध मिले। अब तक 52 संदिग्धों के विभाग सैंपल लेकर जांच कर चुका है। इनमें से 29 हेपेटाइटिस-ए संक्रमित मिले हैं।
संक्रमण की चपेट में आए पांच बच्चों का इलाज चल रहा है जिनमें से दो निजी व तीन बच्चों को जिला नागरिक अस्पताल में दाखिल किया गया है। गांव में अभी भी दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। ग्रामीणों ने रविवार को भी रोष जताया।
ग्रामीण चमेला राम, विक्रम, शेखर, कृष्ण, तरसेम और रमेश कुमार का कहना है कि जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में बोरवेल का पानी घरों में दिया जा रहा है, जो किसी भी सूरत में पीने के लायक नहीं है।
सप्लाई पाइपें अनेक स्थानों से टूटी हैं जिनमें गंदा और सीवरेज का पानी मिल कर नलों में आ रहा है। इसके लिए गांव के लोगों ने जन स्वास्थ्य विभाग को अनेक बार शिकायत की है पर सुनवाई नहीं की गई और यही कारण है कि आज हर दूसरी-तीसरी गली में बीमार पड़े बच्चों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
सिविल सर्जन, डिप्टी सिविल सर्जन सहित कई अधिकारी गांव में डेरा डाले हुए हैं। विभाग का दावा है कि वे अब तक गांव के सभी 1477 घरों का सर्वे कर चुके हैं।
कलायत के सजूमा में बच्चों की जांच के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे ग्रामीणों की भीड़