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मेले में 35 क्विंटल दूध का चढ़ावा, भंडारे में दही, पनीर व रैयता का प्रसाद बना दिया श्रद्धालुओं को

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मेले में 35 क्विंटल दूध का चढ़ावा, भंडारे में दही, पनीर व रैयता का प्रसाद बना दिया श्रद्धालुओं को
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डेरा बाबा राजपुरी में पहली बार गद्दी के मंहत बिना लगा मेला, गद्दी पर माथा टेक वापिस लौटे श्रद्धालु
गांव बाबा लदाना में डेरा बाबा राजपुरी में दो दिवसीय मेले का आगाज
मेले में हरियाणा सहित पंजाब, राजस्थान, दिल्ली व यूपी सहित अन्य राज्यों से पहुंचे हजारों श्रद्धालु
फोटो नंबर-30 से 34
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव बाबा लदाना में डेरा बाबा राजपुरी में शनिवार को दो दिवसीय वार्षिक मेले का शुभारंभ हुआ। महंत के विवाद के बीच बिना महंत के आयोजित मेले में तमाम प्रबंध जिला प्रशासन ने संभाले। श्रद्धालुओं की सुबह के समय ही भीड़ उमडना शुरू हो गई थी। जो दिन भर जारी रही। पहले दिन में करीब 70 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा राजपुरी की समाधि पर माथा टेका। इस दौरान 35 क्विंटल दूध चढ़ावे के रुप में चढ़ा। नायब तहसीलदार ने बताया कि इस दूध को भंडारे में दही, मक्खन, रैयता और घी बनाने के काम में लाया गया है।
एकादशी के दिन लगता मेला:-एकादशी के दिन डेरा बाबा राजपुरी के दरबार में दो दिवसीय मेले की शुरआत होती है। यहां पर एकादशी के दिन मत्था टेकने की परंपरा सबसे मान्यता वाली और पुरानी है। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली व अन्य कई प्रदेशों से श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए आए व पूजा अर्चना की। एकादशी को लगे मेले में पुरूषों की तादाद ज्यादा रही, जबकि रविवार को लगने वाले मेले में महिलाओं की संख्या ज्यादा रहेगी। मेले के दौरान दिनॐार बाबा राजपुरी जी के जयकारे गूंजते सुनाई दिए। श्रद्धालुओं ने बाबा के मंदिर के सामने बनाए गए तालाब में जमकर डुबकियां लगाई।
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मेले में इन अधिकारियों व सेवादारों ने की सेवा:-मेले के पहले दिन कानूनगों धर्मबीर, पटवारी सत्यनारायण, महेंद्र, सन्नी, नंबरदार राजेंद्र, धर्मपाल, मास्टर जितेंद्र कुमार व माता हिंगलाज सेवादल के 80 से अधिक सदस्यों ने भंडारे में सेवा की।
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बड़ी देवी तालाब मंदिर स्थित डेरे में भी लगा मेला:-बाबा लदाना के साथ शहर में स्थित बड़ी देवी मंदिर में स्थित डेरा बाबा राजपुरी में भी मेला लगा। इस डेरे में भी सैंकड़ो श्रद्धालुओं ने माथा टेक मन्नतें मांगी। यहां श्रद्धालुओं ने जौं, बाबा के धुने पर उपले चढ़ाए। डेरे के मंहत हीरापुरी ने बताया कि यहां स्थित बाबा डेरा राजपुरी की समाध 400 वर्ष पुरानी है। यहां पर माता हिंगलाज भी साक्षात रुप से विराजमान है। इस दौरान भंडारे का भी आयोजन किया गया। इस मौके पर सेवादार बाबा मरीपुरी ग्योंग, नरेश मित्तल, अमित, नीरज, मोहन, दीपक, राजा, नवीन, अमरदीप, मनदीप, विक्रम, सुशील, सोनू सहित अन्य ने सेवा दी।
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