कोर्ट का त्वरित फैसला : 22 दिन में हत्या के 2 दोषियों को उम्रकैद, 9 दिन में मोबाइल छीनने के 2 दोषियों को 5 साल की जेल
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एमएम धौंचक ने हत्या के मामले में महज 22 दिन में 2 दोषियों को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं मोबाइल छीनने के मामले में महज 9 दिन में दोषियों को पांच साल की सजा सुनाई है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट की ओर से मुन्नारेहड़ी निवासी रमेश एवं नरेश उर्फ बबलू को पूंडरी के पाई गेट वार्ड नंबर 5 निवासी अरुण पुत्र रणधीर सिंह के अपहरण एवं हत्या के मामले में 13 गवाहों की गवाही के बाद 22 दिन के रिकार्ड समय में सश्रम आजीवन कारावास और एक लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना का फैसला सुनाया गया। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषियों को 11 माह सामान्य कारावास की सजा भुगतनी होगी। इस मामले में गत 6 सितंबर 2017 को कैथल-करनाल रोड फतेहपुर के क्षेत्र में मित्रों का ढाबा पर उपरोक्त दोनों दोषी अरुण को पार्टी की बात कहकर लेकर गए, जहां पर तीनों ने शराब पी। बबलू उर्फ नरेश ने अरुण को पैसों की याद दिलाते हुए थप्पड़ जड़ा। इसके बाद वे एक मोटरसाइकिल पर अरुण को वाटर डिस्ट्रीब्यूटरी के किनारे लेकर गए। वहां पर शराब पीने के साथ-साथ डंडों, लात और घूंसों से पूरी रात अरुण को पीटते रहे। सुबह उन्होंने मोटरसाइकिल पर दो व्यक्तियों को आते हुए देखकर अरुण ने शोर मचाया। इस कारण दोनों दोषी मौके से फरार हो गए। इसके बाद अरुण ने घर जाकर पूरी कहानी अपने भाई विशाल को बताई। इसने अरुण को अस्पताल में भर्ती करवाया। अस्पताल में उसकी हालत लगातार बिगड़ती रही और 20 सितंबर 2017 को अरुण की मृत्यु हो गई। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज करवाई गई और 18 जनवरी 2018 को यह मामला जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में आया। मात्र 22 दिन की अवधि में जिला एवं सत्र न्यायाधीश एमएम धौंचक ने इस मामले का निपटारा कर दिया गया।
दूसरे मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश एमएम धौंचक ने मात्र 9 दिन में मोबाइल फोन छीनने व पर्स छिनने की कोशिश के एक मामले का निपटारा करते हुए कांगथली निवासी शेर सिंह, करनाल के चंद्राव गांव निवासी रवि कुमार को 5 वर्ष सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने की एवज में दोनों को दो माह सामान्य कारावास की सजा भुगतनी होगी। गत 11 नवंबर 2017 को कुरुक्षेत्र जिला के गांव दीवाना बेदी फार्म निवासी किरणजीत कौर से स्कूल के बाद चीका में उधम सिंह चौक पर मोटरसाइकिल सवार उपरोक्त दोषी मोबाइल छीनकर फरार हुए और उन्होंने किरणजीत कौर से पर्स छिनने की भी कोशिश की। किरणजीत कौर चीका स्थित डीएवी स्कूल में अध्यापिका के रूप में कार्य कर रही थी। किरणजीत कौर ने पुलिस को तुरंत सूचित किया तथा पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उसी दिन दोनों आरोपियों को पकड़कर उनके कब्जे से मोबाइल फोन बरामद किया। यह मामला 30 जनवरी 2018 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में लाया गया था और 8 गवाहों की गवाही के बाद मात्र 9 दिन में इस मामले का फैसला सुना दिया गया।