धान की आवक ने तोड़े अब तक के सारे रिकार्ड
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। इस वर्ष पिछले साल की तुलना में एक चौथाई अधिक धान मंडियों में आ चुका है। गत वर्ष धान के पूरे सीजन में जहां कुल 29 लाख 70 हजार क्विंटल धान की आवक हुई थी वहीं इस बार लगभग आधे सीजन में ही साढ़े बीस लाख क्विंटल की आवक हो चुकी है। धान की इतनी अधिक आवक के चलते शहर की दोनों मंडियां छोटी पड़ गई है और अब किसान अपनी धान को रिहाइसी कालोनियों व सडक़ों पर डालने को मजबूर हो रहे हैं। अधिक धान की आवक के कारण अनाज मंडी में से लदानका कार्य नहीं हो पा रहा है, जिसके चलते आढ़ती एसोसिएशन ने एक सप्ताह में आज दूसरी बार मंडी बंद रखनी पड़ी। मंडी एसोसिएशन ने आज किसी भी किसान की धान को मंडियों में नहीं आने दिया और पूरा दिन लदान का कार्य किया। दिन भर चले लदान के कार्य के बावजूद अभी भी मंडी में धान की बोरियों के ढेर लगे हुए है और किसानों को धान डालने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है।
इस साल हो रही धान की जबरदस्त पैदावार के साथ साथ मंडियों में भी किसानों अच्छे भाव मिल रहे हैं, जिससे किसान काफी खुश है। चीका अनाज मंडी में आने वाली पीआर धान जहां 1651 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है वहीं 1509 किस्म की धान 3011 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है। इस बार बारीक धान की बिजाई का क्षेत्र कम होने के कारण किसानों को बासमती किस्म की धान के दाम भी काफी अच्छे मिलने की उम्मीद है।
मंडी एसोसिएशन चीका के प्रधान जयपाल गर्ग ने कहा कि धान की हो रही जबरदस्त आवक के कारण शहर में बनी दोनों मंडियों में हर तरफ जाम की स्थित पैदा हो गई है। मंडी में पड़ी धान को गोदामों तक पहुंचाने के लिए आज दूसरी बार मंडियां बंद रखनी पड़ी है। यहां गुहला क्षेत्र के अलावा पंजाब से भी भारी मात्रा में धान व गेहूं आता है। आने वाले फसलें मंडी में ही समा सकें इसके लिए मंडी एसोसिएशन सरकार से कम से कम सवा सौ एकड़ में नई अनाज मंडी बनाने की मांग करेगी।
बारिश में भीगा धान:- बुधवार दोपहर बाद हुई बारिश के चलते मंडियों मेमं पड़ा किसानों का धान भीग गया। हालांकि बारिश की वजह धान को अधिक नुकसान तो नहीं हुआ लेकिन मंडी में चल रहा लदान का कार्य प्रभावित हो गया।
लदान के लिए आज दूसरी बार रखनी पड़ी मंडी बंद
मंडी एसोसिएशन करेगी सवा सौ एकड़ में नई अनाज मंडी बनाने की मांग
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