फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्लॉट बचने के नाम पर एक व्यक्ति से 18 लाख 50 हजार रुपये ठगे

विज्ञापन
विज्ञापन
कैथल। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण विभाग एचएसवीपी विभाग का प्लॉट बेचने के नाम पर एक व्यक्ति से 18 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाने में जीरकपुर निवासी दंपति और उसकी मां के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन

थाना सिविल लाइन पुलिस को दी शिकायत में एचएसवीपी सेक्टर-19 निवासी नफे सिंह ने बताया कि वह एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग में ऑफिसर के पद से सेवानिवृत्त है। आरोपी गायत्री, रामदेवी और महाबीर से वह 2018 में पंजाब के जीरकपुर में मिला था। आरोपियों ने बताया था कि हांसी के एचएसवीपी सेक्टर-5 में उनका छह मरले का प्लॉट है। वह उस प्लॉट को बेचना चाह रहे हैं। वहां पर उनकी 18 लाख 50 हजार रुपये में प्लॉट खरीदने की बात हो गई। प्लॉट का बयाना 15 अक्टूबर 2018 को लिखा गया। इसके बाद आरोपियों ने शिकायतकर्ता से कहा कि जब वह चाहेगा रजिस्ट्री करवा दी जाएगी। आरोपी गायत्री ने उस समय कहा कि प्लॉट का सारा रिकॉर्ड उसकी मां रामदेवी के नाम है। मां रामदेवी ने पॉवर अटार्नी देकर प्लॉट बेचने के लिए उसे नियुक्त किया हुआ है। इसके बाद उसने 2021 में प्लॉट की रजिस्ट्री करवाने की बात कही तो आरोपी रजिस्ट्री करने में आनाकानी करने लग गए। बार- बार समय मांगते रहे। इसके बाद उसने अक्टूबर 2021 में एक पंचायत की। पंचायत में आरोपियों ने जल्द रजिस्ट्री करवाने की बात कबूली। इसके बाद आरोपियों पर शक होने पर उसने एचएसवीपी से रिकॉर्ड निकलवाया। आरोपियों ने एचएसवीपी विभाग को किस्तों की राशि ही जमा नहीं करवाई थी। इस कारण संबंधित विभाग ने प्लॉट रिज्यूम कर लिया था। बाद में आरोपियों ने कहा कि एचएसवीपी को पूरी किस्तें और जुर्माना देकर प्लॉट को वापस करवा लेंगे। इसके बाद आपके नाम प्लॉट करवा दिया जाएगा। जून 2022 में आरोपियों ने कहा कि वह उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता, क्योंकि रिकॉर्ड में प्लॉट रामदेवी के नाम है और बयाने पर गायत्री ने हस्ताक्षर किए हैं। आरोपियों ने प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी कर उससे रुपये हड़पे हैं। थाना सिविल लाइन के एसआई कुलविंद्र सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें