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मुथुट फाईनैंस गोल्ड लोन कंपनी में बड़ी चोरी का विफल प्रयास, अलॉर्म सिस्टम ने बचाया करोड़ों रुपये का सोना

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लोन कंपनी के अलार्म सिस्टम ने चोरों के मंसूबों पर फेरा पानी
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अलार्म बजने के बाद चोर गैस कटर, सिलिंडर सहित अन्य सामान छोड़ भागे चोर, एसपी सहित पुलिस अधिकारियों ने किया बैंक का दौरा
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिले में चोरों का दुस्साहस चरम पर है। वो किसी भी वारदात को अंजाम देने से पहले पुलिस का भय नहीं मान रहे हैं। दरअसल चोरों ने वीरवार की देर रात करीब तीन बजे अंबाला रोड स्थित मुथूट गोल्ड लोन फाईनेंस कंपनी में बड़ी सेंध लगाने का प्रयास किया। कंपनी में घुसने के लिए चोर अपने शटर काटने के लिए गैस कटर, सिलिंडर और अन्य सामान लाए थे। लेकिन कंपनी में लगे अलार्म सिस्टम ने चोरों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। बताया गया है कि जब कंपनी में घुसने का प्रयास कर रहे थे तो कंपनी में लगा अलार्म सिस्टम बज उठा। जिसकी आवाज सुनकर चोरों के होश उड़ गए और सारा सामान वहीं छोड़कर भाग खड़े हुए।
वहीं, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के कई आला अधिकारियों सहित एसपी ने खुद घटनास्थल का दौरा किया और वारदात की पूरी जानकारी जुटाई। एसपी ने दावा किया है कि चोरों को शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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मिली जानकारी के मुताबिक वीरवार रात करीब तीन बजे के आसपास चोर अंबाला रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक के साथ निर्माणाधीन एक चार मंजिला इमारत की सीढ़ियों से ऊपर चढ़े, जहां से दो रस्सियों के सहारे गोल्ड लोन कंपनी की छत पर उतरे। वहां चोरों ने गैस कटर की मदद से दरवाजे की कुंडी जलाकर तोड़ी। इसके बाद चोरों ने नीचे जाकर मुथूट कंपनी की खिड़की की लोहे की ग्रिल को गैस कटर से काटकर अंदर प्रवेश किया। जैसे ही चोरों ने अंदर प्रवेश किया, उसी समय अलॉर्म बज उठा। जिसकी सूचना कंपनी के मुख्यालय में गई। वहां से सुबह 4:10 बजे मैनेजर अश्वनी कुमार को सूचित किया गया। जब तक मैनेजर अपने अन्य कर्मचारियों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे, तब तक चोर कंपनी के अंदर के परिसर में ही गैस कटर, गैस सिलिंडर, ऊपर छत पर रखे खाली बैग व अन्य पेचकस जैसे उपकरण मौके पर ही छोड़कर फरार हो चुके थे। इसके बाद मैनेजर ने कंपनी में रखी नकदी, सोने के जेवरातों व अन्य सामानों की जांच की, जो सुरक्षित मिला। बताया गया है कि फर्म में करोड़ों रुपये का सोना व नकदी थे, जो चोरों के हाथ लग जाते तो कंपनी को भारी नुकसान हो सकता था।

दिसंबर में भी कर चुके हैं चोरी का प्रयास
फर्म के एक कर्मचारी ने बताया कि पिछले साल एक दिसंबर को भी साथ लगती इमारत की सीढ़ियों की मदद से चोरों ने इस परिसर में उतरकर चोरी का प्रयास किया था। लेकिन वे तब भी सफल नहीं हो पाए थे। चोर ने इस बार भी उसी तरह का प्रयास करके कंपनी में घुसे थे।
एसपी सहित सीआईए टीम ने किया दौरा
सूचना मिलने पर एसपी खुद कंपनी और साथ वाली इमारत में पहुंचे और घटना स्थल का मुआयना किया। उन्होंने कंपनी की छत से मीडिया कर्मियों सहित अन्य लोगों को जांच के दौरान नीचे उतार दिया और करीब 20 मिनट तक अधिकारियों के साथ पूरे घटना स्थल का निरीक्षण किया।
घटनास्थल पर पहुंचे एसपी वसीम अकरम से सीधी बातचीत
1. चोरी के प्रयास की इस वारदात में किस तरह के लोग शामिल हो सकते हैं?
जिस तरह से गैस कटर व अन्य उपकरण चोर छोड़कर गए हैं, उसे देखकर लगता है कि यह गिरोह का काम है। जो इस तरह की बड़ी वारदातों को अंजाम देने में निपुण होते हैं। दो दिन पूर्व मुजफ्फरपुर में भी इसी तरह की बड़ी वारदात हुई है। इनके ग्रुप बने हुए हैं। बैंक व अन्य प्रतिष्ठान ऐसे चोरों के निशाने पर होते हैं। जहां अधिक नकदी रहती है।
2. दोनों भवनों का घटना में प्रयोग, रास्ते आदि की पूरी जानकारी चोरों को थी, क्या कोई स्थानीय व्यक्ति भी हो सकता है?
जिस तरह की चोरी का यह प्रयास है, उससे स्पष्ट है कि पहले इस जगह की रैकी की गई है। इसके बाद वो पूरी तैयारी के साथ आए। लेकिन यहां लगे अलॉर्म सिस्टम ने बड़ी वारदात को रोकने में मदद की। अन्य संस्थानों के मालिकों व संस्थाओं को भी इससे सीख लेनी चाहिए। ऐसे अत्याधुनिक अलार्म सिस्टम लगवाए जाने चाहिए।
3. पिछले दो-तीन माह से शहर में चोरी, झपटमारी की वारदातें बढ़ी हैं, क्या कारण है?
एक तो चोर सीजन का फायदा उठाते हैं। सर्दियों में रात को 2 बजे के बाद अधिकतर लोग सो रहे होते हैं और इस समय चोर यह भी सोचते हैं कि पुलिस की गश्त भी रुक गई होगी। इसी कारण कुछ वारदातें हुई हैं। लेकिन पुलिस ने चोरी के गैंग को पकड़ा भी है और इस वारदात में संलिप्त चोर भी जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
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4. इस तरह की वारदातें कैसे रुक सकती हैं?
पुलिस द्वारा पूरे प्रयास किए जा रहे हैं, कई चोरों को पकड़कर, उनसे सामान भी बरामद हुआ है। लेकिन एक मुख्य कारण यह है कि मार्केट में चौकीदार रखने की परंपरा करीब-करीब खत्म ही होती जा रही है। दुकानदारों से अपील है कि चौकीदार रखें। ताकि चोरी जैसी वारदातों में कम से कम समय रहते सूचना तो मिल सके। चौकीदार रखने से ही काफी घटनाएं रोकी जा सकती हैं।
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