ट्रांसपोर्टर्स ने लगाया नेशनल हाईवे पर नाका, गुजर रहे 200 ट्रकों को रोका
- अब सब्जियों व फलों की आपूर्ति पर भी होने लगा है असर, पिछले सप्ताह से थमे हैं ट्रकों के पहिए, लोगों को परेशानी
फोटो नंबर-23 से 25
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट यूनियन के आह्वान पर चल रही हड़ताल के बीच वीरवार को ट्रांसपोर्टर्स ने हाईवे पर डेरा जमा लिया और यहां से गुजर रहे लोडेड व अनलोडेड ट्रकों को रोक लिया। इन सभी को तीसरी नई अनाज मंडी में ले जाया गया। जहां शाम तक करीब 200 से अधिक ट्रक रोके जा चुके थे। बाद में इन ट्रकों में से खाली ट्रकों को उनके गंतव्य की ओर जाने दिया गया।
ट्रांसपोर्ट यूनियन के आह्वान पर टोल टैक्स, थर्ड पार्टी बीमा व डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग पर शुरू हुई ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल को एक सप्ताह हो गया है। पिछले सात दिनों से जिले में एक भी ट्रक सड़क पर नहीं दौड़ा है। जिससे ट्रकों के पहिए थम चुके हैं। वीरवार को भाईचारा यूनियन के आह्वान पर जींद रोड पर स्थित नई अनाज मंडी के बाहर ट्रक संचालकों ने हाईवे से गुजर रहे ट्रकों को रोका और उन्हें यहीं खड़ा करवा दिया। ट्रक संचालकों ने यहां से गुजर रहे ट्रक चालकों से सवाल किया कि वे सभी के हक के लिए लड़ाई लड़ रहे है। लेकिन कुछ लोग हड़ताल को सिरे से खरिज कर माल की सप्लाई क्यों कर रहे हैं? यूनियन के प्रधान रणधीर सिंह ने कहा कि सुबह ही पता चला था कि नेशनल हाईवे से अभी भी भारी संख्या में ट्रक यहां से गुजर रहे हैं। जिस पर यूनियन के पदाधिकारियों ने मिलकर रणनीति बनाई जिसमें यूनियन के सदस्यों को जींद रोड पर अनाज मंडी के पास गए और यहां दोपहर बाद ट्रकों को रोकने का कार्य शुरू किया गया।
जिला प्रधान ने बताया कि दोपहर 12 बजे के बाद से शाम 7 बजे तक हाईवे नंबर 65 पर लोंडिग ट्रांसपोर्ट को रोका गया। उन्होंने बताया कि पूरे दिन में करीब 150 से 200 ट्रकों को रुकवा अनाज मंडी में खड़ा करवा दिया है। अब इन्हें हड़ताल के बाद ही जाने दिया जाएगा। जो खाली ट्रक हैं, उन्हें जाने दिया गया।
वहीं ट्रक चालक अरुण, रवि, सुभाष, रामलाल, अर्जुन ने बताया कि वह यूपी, दिल्ली, राजस्थान, बिहार व महाराष्ट्र जैसे अन्य राज्यों में माल को छोड़ने गए थे। अब वे अपने घर की ओर वापस जा रहे थे तो वापसी में खर्चें को पूरा करने के लिए कुछ माल को लोड कर लिया। लेकिन वे हड़ताल में शामिल हैं। उनकी मांगों के समर्थन में ट्रांसपोर्ट यूनियन की ओर से ट्रांसपोर्ट का चक्का का जाम किया गया है। उनका इसका पुरजोर समर्थन है।
अब सब्जी मंडी भी होने लगी प्रभावित : हड़ताल से जहां माल ढुलाई न होने के कारण मटेरियल सहित यूरिया खाद व चावल सप्लाई का कारोबार प्रभावित हो रहा है। वहीं अब सब्जी मंडी में इसका खास असर देखने को मिल रहा है। बता दें कि शुरुआती दौर में ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के कारण सब्जी मंडी में कुछ खास असर नहीं देखने को मिला था। क्योंकि इस समय हिमाचल, राजस्थान, गुजरात व महाराष्ट्र से आने वाले सब्जी व फलों की आपूर्ति पूरी थी। लेकिन अब हड़ताल को एक सप्ताह हो चुका है। तो मंडियों में पड़ा बाहरी राज्यों का माल भी खत्म होने की कगार पर है और यह नया आ नहीं रहा। हिमाचल राज्य से आने वाले विभिन्न प्रकार के फल भी दुकानों गायब होने लगे हैं। अब लोगों को लोकल फलों को खाकर ही अपना गुजारा करना पड़ रहा है।
सब्जी मंडी एसोसिएशन के प्रधान मुकुंद लाल कालड़ा ने बताया कि शुरुआती दौर में ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के कारण सब्जी मंडी में कोई खास असर नहीं पड़ा था। लेकिन अब केला, हिमाचल से आने वाला सेब, लीची सहित अन्य फलों की सप्लाई बहुत कम हो रही है। नासिक से आने वाला प्याज व टमाटर भी बंद हो गया है। लोगों को लोकल प्याज व टमाटर से सब्जी बनानी पड़ रही है। बड़े ट्रांसपोर्ट में आने वाला माल की सप्लाई तो बिल्कुल बंद हो चुकी है। अब इसका असर सब्जी मंडी में देखने को भी मिल रहा है।