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गेहूं खरीद न होने पर आढ़तियों व किसानों ने किया प्रदर्शन

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गेहूं खरीद न होने पर आढ़तियों और किसानों ने किया प्रदर्शन
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हैफेड कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे आढ़ती व किसान
अमर उजाला ब्यूरो
पूंडरी। गेहूं की खरीद न होने पर पूंडरी में आढ़तियों व किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जब हैफेड कर्मचारी खरीद करने नहीं आए तो किसानों ने नारेबाजी शुरू कर दी और हैफेड कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही मंडी नोडल अधिकारी तहसीलदार सुदैश मैहरा मौके पर पहुंची और उन्होंने हैफेड के डीएम कैथल से बात की। हैफेड के खरीद अधिकारी मैनेजर सुरेंद्र कुमार खरीद करने की बजाय मंडी से चले गए और मोबाइल स्वीच ऑफ कर लिया। इसके बाद तहसीलदार के बात करने पर डीएम द्वारा अन्य कर्मचारी को खरीद के लिए भेजा गया। लेकिन तब तक शाम के 5 बज चुके थे। उसके बाद मंडी की तीनों एसोसिएशनों के प्रधानों ने खरीद करवाने से मना कर दिया और कहा कि पूरा दिन से मैनेजर द्वारा उन्हें गुमराह किया जा रहा है। इस समय मंडी में लगभग 1 लाख कट्टे गेहूं आया हुआ है और ऐसे में अधिकारी खरीद करने में आनाकानी कर रहे हैं, जबकि गेहूं की सरकारी बोली एक अप्रैल से शुरू हो चुकी है। इससे पहले वेयर हाउस द्वारा भी खरीद नहीं की गई थी।
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इस घटनाक्रम से पूर्व नोडल अधिकारी की अध्यक्षता में मार्केट कमेटी कार्यालय में तीनों खरीद एजेंसियों के खरीदार, मंडी के तीनों प्रधान रूपचंद उर्फ बाबू राम मुंदड़ी, कमलदीप सिंह हाबड़ी और सुनील रमाणा व मार्केट कमेटी सचिव चरणदास की मौजूदगी में खरीद को लेकर मीटिंग हुई, जिसमें तीनों एजेंसियों ने अपने दिनों के अनुसार खरीद करने की बात कही और हैफेड के मैनेजर सुरेंद्र ने तुरंत खरीद करने की बात कहकर मंडी जाने के लिए कहा। मंडी में खरीद करने की बजाय मनेजर ने ये कहते हुए कि कैथल से डीएम आ रहे हैं और वे उसे रिसीव करने के लिए जा रहे, मंडी से लापता हो गए और मोबाइल स्विच आफ कर लिया। इसके बाद आढ़ती व किसान हैफेड के कार्यालय पर एकत्रित हो गए और मैनेजर के न मिलने पर उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी।
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