गिरफ्तार किए गए 25 किसानों को जेल भेजा, जाम लगाने पर 20 से अधिक पर केस दर्ज, गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन
किसानों को दिल्ली कूच से रोकने को अलर्ट रहा प्रशासन, जिले भर में 16 जगह नाके लगाए गए
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। किसान संगठनों के दिल्ली कूच के आह्वान पर शुक्रवार को जिले भर में प्रशासन धारा 144 के बीच अलर्ट रहा। दिल्ली जाने वाले 16 रास्तों पर पुलिस ने नाके लगाकर ट्रैक्टर-ट्रालियों के आवागमन करने वालों पर नजर रखी। साथ ही पुलिस ने वीरवार को तितरम मोड़ नेशनल हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रालियों से जाम लगाने के आरोप में दो दर्जन से अधिक किसानों के खिलाफ भी केस भी दर्ज किया है। वीरवार को हिरासत में लिए गए 25 किसानों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
विदित रहे कि वीरवार को जिले भर से किसान संगठनों ने दिल्ली कूच के आह्वान के बीच तैयारी की हुई थी, लेकिन सुबह करीब 4 बजे गांव पबनावा से भूरा राम पबनावा, कौल से विक्रम कसाना सहित अन्य व पूंडरी के हाबड़ी व अन्य गांवों से अजीत सिंह हाबड़ी, गुणीप्रकाश सहित जिले भर से 23 किसानों को हिरासत में लिया था। उन्हें वीरवार शाम न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। इसके साथ ही वीरवार शाम डीसी ने धारा 144 लागू करने का ऐलान कर दिया था। शुक्रवार सुबह जेल भेजे गए विक्रम कसाना सहित 10 किसानों का मेडिकल भी करवाया गया। उन्हें वापस जेल भेज दिया गया। शुक्रवार सुबह भी प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट नजर आया। करनाल रोड व दिल्ली जाने वाले 4 अन्य मार्गों पर पूंडरी व आसपास के इलाकों, कैथल-असंध मार्ग, ढांड में कुरुक्षेत्र रोड, कौल सहित पंजाब बॉर्डर पर गुहला-चीका, खनौरी मार्ग के सहित कुल 4 नाकों के अलावा कुल 16 जगह नाके लगाकर ट्रैक्टर-ट्रालियों के माध्यम से आने-जाने वालों पर नजर रखी गई। डीएसपी सतीश गौतम ने बताया कि बताया कि जिले भर में 16 नाके लगाकर नजर रखी गई। 9 ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाए गए थे। जो नेता गिरफ्तार किए गए थे, उन्हें कानून व्यवस्था बिगड़ने की संभावना की स्थिति में गिरफ्तार किया था। उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
जाम लगाने के आरोप में दो दर्जन के खिलाफ केस दर्ज
कैथल। नेशनल हाईवे पर स्थित तितरम मोड़ पर वीरवार को एकत्र हुए किसानों की ओर से जाम लगाने के आरोप में पुलिस ने दो दर्जन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। एएसआई कर्मबीर सिंह ने बताया कि 22 फरवरी को तितरम मोड़ ड्यूटी पर था। वहां गांव की ओर 3-4 ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरकर लोग आए। इनमें होशियार सिंह, नैशा, नरेश, देवा, दरबारा, मंगतू गोशाई का लड़का निवासी गांव प्यौदा, जसविद्र निवासी हरसौला, बीरबल पूर्व सरपंच कैलरम, ओमप्रकाश, सुखदेव निवासी कैलरम व 15/20 अन्य लोग शामिल थे। राममेहर व होशियार सिंह के इशारे पर इन लोगों को ट्रैक्टर-ट्रालियों को नेशनल हाइवे के बीचोबीच खड़ा कर दिया और वाहनों को रोकते हुए जाम लगा दिया। वे दिल्ली कूच करने की तैयारी की बात कह रहे थे। एएसआई चंद्रभान ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
किसानों ने सीटीएम को दिया ज्ञापन
दिल्ली कूच करने से पहले ही किसान नेताओं की गिरफ्तारी व किसानों के खिलाफ तितरम में जाम लगाने के विरोध में किसानों ने जवाहर पार्क में बैठक कर प्रदर्शन करते हुए सीटीएम को ज्ञापन दिया। भाकियू के जिलाध्यक्ष जगबीर प्यौदा की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करवाने व किसानों के कर्जे माफ करवाने की मांग को लेकर किसान दिल्ली कूच करने जा रहे थे। इस दौरान कई जिलों में किसानों पर लाठीचार्ज किया गया व मुकदमे दर्ज कर लिए गए। उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। इसके बाद प्रदर्शन कर लघु सचिवालय पहुंचते हुए सीटीएम को ज्ञापन दिया गया। इस अवसर पर बीरबल सिंह, करतारा राम, अनिल कुमार, रामपाल, अतर सिंह, संदीप व रामकुमार मौजूद थे।