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दिल्ली जाने से रोकने के लिए पुलिस ने किसान नेताओं को लिया हिरासत में

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ढांड और पूंडरी से 18 से अधिक किसान नेता पुलिस हिरासत में
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गांव पबनावा से सो रहे भाकियू नेता भूरा राम पबनावा को और कौल बस अड्डे से लिया दूसरे
अमर उजाला ब्यूरो
पूंडरी/ढांड। भारतीय किसान यूनियन संगठनों की ओर से प्रस्तावित शुक्रवार के दिल्ली घेराव के मद्देनजर पुलिस ने किसान नेताओं को पूंडरी और ढांड में हिरासत में ले लिया। दोनों जगहों से 18 भाकियू नेताओं को हिरासत में लिया गया। वे शुक्रवार तक पुलिस हिरासत में रखे जा सकते हैं। गांव पबनावा से भाकियू नेता भूरा राम पबनावा को सुबह चार बजे सोते हुए ही हिरासत में ले लिया गया।
देशभर के किसान संगठनों के 23 फरवरी को दिल्ली कूच के आह्वान के बीच प्रशासन सुबह से ही अलर्ट नजर आया। किसान संगठनों ने ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ शुक्रवार को दिल्ली घेराव की चेतावनी दी हुई थी। इसे लेकर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए पहले से ही पुख्ता इंतजाम किए हुए थे। किसान नेताओं द्वारा भी एक दिन पहले ही ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ करनाल में एकत्र होने की रणनीति बनाई। इसके मद्देनजर प्रशासन द्वारा ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार सुदेश मेहरा के नेतृत्व में पूंडरी क्षेत्र में तीन जगह गांव रसीना में करनाल-कैथल मार्ग पर, सिरसल के पास हाबड़ी चौक व बरसाना के पास नाके लगाए हुए थे। बरसाना नाके पर नायब-तहसीलदार जयवीर रंगा की ड्यूटी लगाई गई थी।
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गुणीप्रकाश सहित छह लोगोें को लिया हिरासत में
दिल्ली जाने से रोकने व सुरक्षा व्यवस्था कायम रखने के लिए थाना प्रभारी अमन बैनिवाल के नेतृत्व में पुलिस भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुणीप्रकाश, राष्ट्रीय सलाहकार सरदार अजीत सिंह हाबड़ी, चढुनी गुट के हाबड़ी प्रधान तख्त सिंह, प्रधान प्रताप सिंह, जिला महासचिव कुलविंद्र सिंह, आसा सिंह व लखा सिंह को पुलिस हिरासत में लेकर पूंडरी थाने ले ग्रइ। कुछ समय के बाद गुणीप्रकाश व अजीत हाबड़ी के अलावा सभी किसानों को छोड़ दिया गया।
इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुणीप्रकाश ने कहा कि सरकार सत्ता के बल पर किसानों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। जब-जब भी किसानों के ऊपर अत्याचार किए गए दोबारा उस सरकार को सत्ता का मुंह देखना नसीब नहीं हुआ।
वहीं ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार सुदेश मेहरा ने बताया कि कानून व्यवस्था व शांति बनाए रखने के लिए किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के सरकार के आदेश थे। आगामी आदेशों तक दो किसान नेताओं को पुलिस हिरासत में रखा गया है। क्षेत्र में किसानों को रोकने के लिए तीन जगह नाके लगाए गए हैं।

ढांड में कौल बस अड्डे से लिया किसान नेताओं को हिरासत में
ढांड। ढांड में दिल्ली जाने के लिए पुलिस ने वीरवार सुबह भाकियू नेताओं की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया। इसके तहत सबसे पहले गांव पबनावा से भाकियू नेता भूरा राम पबनावा को सुबह चार बजे सोते हुए ही हिरासत में ले लिया। उनके अलावा ग्यारह बजे कौल बस अड्डे पर एकत्र हुए भाकियू नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इनमें युवा भाकियू प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना, ढांड ब्लाक प्रधान पिरथी, पूंडरी ब्लाक प्रधान रणधीर, नन्हा राम कौल, औम प्रकाश बरसाना, सुरेश मुन्ना रेहडी, रोशन बरसाना, दलीप कौल को पुलिस हिरासत में लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने किसी प्रकार की जानकारी देने से इनकार कर दिया। दूसरी ओर पुलिस ने ढांड क्षेत्र में कुरुक्षेत्र रोड पर गांव पबनावा से आगे नाका लगा दिया। साथ ही ढांड में भी भारी पुलिस बल तैनात रहा। गांव कौल में भी पुलिस ने नाका लगाया। इसके अलावा पुलिस ने क्रेन सहित तमाम तैयारियां की हुई हैं।
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वहीं हिरासत में लिए जाने के दौरान विक्रम कसाना ने कहा कि सभी को अपनी मांगें मनवाने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करना सबका अधिकार है। कसाना ने आरोप लगाया कि सरकार ने भाकियू प्रदेश महासचिव भूरा राम पबनावा सहित कई किसान नेताओं को रात के समय सोते हुए गिरफ्तार करके आग में घी डालने का काम किया है।
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