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एमए, बीए, ने किया आंगनबाड़ी हेल्पर पद के लिए आवेदन

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एमए, बीए पास ने किया आंगनबाड़ी हेल्पर पद के लिए आवेदन
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। बेरोजगारी की हालत यह है कि दसवीं पास योग्यता वाली वर्कर के नीचे काम करने के लिए एमए व बीए पास महिलाएं तैयार हैं। आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स के साक्षात्कार के लिए आई महिलाओं की स्थिति कुछ ऐसी ही थी। कुछ महिलाएं अपने गांव के सरपंच का नाम तक नहीं बता पाईं तो कई महिलाओं को यह भी नहीं पता कि नरेंद्र मोदी पीएम हैं या सीएम। इसके अलावा एक दो ने तो राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को ही हरियाणा का मुख्यमंत्री बता दिया।
आंगनबाड़ी वर्कर के लिए दसवीं व हेल्पर के लिए पांचवीं की शैक्षणिक योग्यता निर्धारित है। कई गांवों में पद खाली होने पर महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा नियुक्तियों के लिए आवेदन मांगें थे। आवेदन करने वाली महिलाओं के सोमवार व मंगलवार को साक्षात्कार लिए गए। जिसमें कई रोचक बातें सामने आईं।
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वर्कर के लिए 10 प्रतिशत महिलाएं एमए या इससे ऊपर की डिग्री हासिल किए हुए थीं
वर्कर के लिए आई करीब 400 से ज्यादा महिलाओं में करीब 8 से 10 प्रतिशत महिलाएं एमए, बीएड या इससे भी ऊंची डिग्री हासिल किए हुए थीं। लेकिन इनमें से कई को सामान्य जानकारी भी नहीं थीं। सूत्रों ने बताया कि इन महिलाओं को सामान्य टीकाकरण की भी जानकारी नहीं थीं। जबकि कई तो दो-दो बच्चों की मां बन चुकी हैं। आंगनबाड़ी वर्कर के लिए सबसे जरूरी टीकाकरण, गर्भवती को लगने वाले टीके व बच्चे को लगने वाले टीकों की जानकारी रहती है। इसके अलावा कई महिलाओं को अपने प्रमाण पत्रों तक की जानकारी नहीं थीं। कई ने दिल्ली को हरियाणा की राजधानी बताया। साक्षात्कार के लिए आई एक भी महिला हरियाणा के राज्यपाल का नाम नहीं बता पाईं।
महिला सरपंचों का नाम जरूर पता था, पुरुष सरपंचों का नाम नहीं
साक्षात्कार के दौरान यह बात सामने आई कि जिन गांवों में सरपंच महिला है। उस गांव की सरपंच का नाम तो उन्हें पता था। लेकिन जिन गांवों में पुरुष सरपंच हैं। वहां कई को नाम ही नहीं पता कि उनके गांव का सरपंच कौन है।
पौष्टिक आहार की ही जानकारी नहीं
बेशक महिलाएं कई डिग्री लिए हुए थीं। लेकिन कई महिलाओं को सामान्य पौष्टिक आहार तक की जानकारी नहीं थीं। कई महिलाएं स्वच्छता अभियान से ही अनभिज्ञ थीं तो कई को खुले में शौच जैसे किसी अभियान का ही पता नहीं था। इतना ही नहीं साक्षात्कार के लिए आई अधिकतर महिलाओं में खून की कमी थी। वे खुद एनीमिया की शिकार थीं। गर्भवती महिला में एचबी कितना होना चाहिए। इस तरह की तमाम सामान्य जानकारियां तक महिलाओं को नहीं थीं।
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हेल्पर के लिए 4 से 5 एमए पास महिलाएं पहुंची साक्षात्कार के लिए
हेल्पर पद के लिए साक्षात्कार के लिए पहुंची 700 में से करीब 5 महिलाएं ऐसी थीं। जो एमए, बीए या इससे बड़ी डिग्री होल्डर थीं। वे खुद दसवीं पास वर्कर के नीचे काम करने को राजी थीं।
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