कैथल। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन इस बार जीपीएस के दायरे में बूथों तक पहुंचेगी। यह पहला चुनाव होगा, जब जीपीएस सिस्टम लगे वाहन से इलेक्ट्रॉनिक मशीनों को कंट्रोल रूम से बूथों तक पहुंचाया जाएगा। इसका उद्देश्य यह रहेगा कि मशीनों को बीच में कहीं भी रोका नहीं जा सकेगा और बूथ पर पहुंचने तक पल-पल की जानकारी अधिकारियों को मिलती रहेगी।
जिले भर में पहुंची 947 कंट्रोल यूनिट : 12 मई को होने वाले चुनाव के लिए जिले में 947 कंट्रोल यूनिट पहुंची हैं। इसके साथ 2 हजार 449 बैलेट यूनिट तथा 990 वीवीपैट उपलब्ध हैं। गुहला विधानसभा क्षेत्र के 196 मतदान केंद्रों के लिए 216 मशीनें व वीवीपैट्स, कलायत विधानसभा क्षेत्र के लिए 209 मतदान केंद्रों हेतु 230 मशीनें व वीवीपैट्स, कैथल विधानसभा क्षेत्र के 206 मतदान केद्रों हेतु 227 मशीनें व वीवीपैट्स तथा पूंडरी विधानसभा के 184 मतदान केंद्रों के लिए 203 ईवीएम एवं वीवीपैट्स उपलब्ध हैं। इनके अतिरिक्त हर विधानसभा क्षेत्र हेतू 10 प्रतिशत ईवीएम एवं वीवीपैट्स आरक्षित रखी गई हैं।
वाहनों पर लगा होगा जीपीएस : जिला उप-निर्वाचन अधिकारी जगदीप सिंह ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने इस बार विशेष रूप से हिदायतें दी हैं कि जब बूथों पर ईवीएम भेजी जाएं तो उसके लिए ऐसे वाहन का प्रयोग किया जाए, जिसमें जीपीएस सिस्टम हो। जिले भर में जैसे ही ईवीएम को कंट्रोल रूम से निकाला जाएगा। इसके बाद बूथ पर पहुंचाने तक जीपीएस लोकेशन ऑन रहेगी। ताकि पता चलता रहे कि मशीन को ले जा रहा वाहन कहीं रुका तो नहीं। पारदर्शिता की दृष्टि से यह व्यवस्था की जा रही है।