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होली पर बन रहा महासंयोग, 256 वर्ष के बाद चर्तुदशी में होगा होलिका दहन

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होली पर बन रहा महासंयोग, 256 वर्ष के बाद चर्तुदशी में होगा होलिका दहन
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इस बार पर प्रदोषकाल प्रभावित नहीं है होली, भद्रा रहित जलाई जाएगी होली
इस महासंयोग में पूजा करने से मिलेगी सुख व समृद्धि, रुके हुए कार्य भी बनेंगे
फोटो नंबर-20
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। बुधवार को मनाया जाने वाले होली पर्व पर इस बार महासंयोग बन रहा है। जो नक्षत्रों के अनुसार 256 वर्षों के बाद पहली बार आ रहा है। बन रहे इस महासंयोग में पूजा करने से लोगों को उत्तम फल की प्राप्ति भी होगी जिसमें उनके रुके हुए कार्य बनेंगे व क्षेत्र में सुख शांति होगी। ढांड रोड पर स्थित शिव शक्ति धाम के संचालक पंडित प्रेमशंकर शास्त्री ने बताया कि इस बार होलिका दहन प्रदोषकाल प्रभावित नहीं है। बल्कि यह प्रदोषकाल भद्राकाल के साथ आ रहा है। जिस कारण चतुदर्शी में ही पूर्णिमा का आगमन हो रहा है। शास्त्री ने बताया कि महासंयोग में होलिका दहन शाम को छह बजे की बजाय रात को नौ बजे होगा।
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शास्त्री ने बताया कि इस बार प्रदोष काल शाम को चा बजे से लेकर 8 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। जिसके बाद भद्राकाल आएगा जिसमें दोनों योग एक साथ होगें। इसलिए इस समय होलिका का दहन होगा। इस समय में होलिका दहन से विशेष व उत्तम फल की प्राप्ति होगी। दूसरा इस काल में चतुदर्शी में ही पूर्णिमा भी शुरु होगी। उन्होंने बताया कि होलिका दहन में गेंहू का बाल जलाकर अपने घर में रखने से सुख व समृद्धि की प्राप्ति होगी।
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