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हड्डी के डॉक्टर व फर्म को लेकर जांच पूरी

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गैर बीपीएल मरीजों को तीन से पांच गुनी कीमत पर दिया जा रहा सामान
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हड्डी के डॉक्टर और फर्म को लेकर जांच पूरी, डॉक्टर को मरीजों से इसी फर्म से सामान खरीदवाने का प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिला अस्पताल में हड्डियों के डॉक्टर व ऑपरेशन का सामान सप्लाई करने वाली फर्म को लेकर चल रही जांच मंगलवार को पूरी हो गई। जांच अधिकारी डॉ. आरडी चावला ने रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी। इसे सीएमओ ने डीसी व डायरेक्टर स्वास्थ्य विभाग को भेज दी है। हालांकि अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट को लेकर खुलासा नहीं किया है। लेकिन सूत्रों ने बताया कि डॉक्टर को जांच में मरीजों को उस फर्म से सामान खरीदने के लिए मजबूर किए जाने का दोषी पाया गया है, जो फर्म इसी अस्पताल में बीपीएल मरीजों को सस्ता व गैर बीपीएल मरीजों को सामान महंगा दे रही थी। जबकि सामान वही बताया जा रहा है। लेकिन इस बात की पुष्टि जांच रिपोर्ट के खुलने के बाद ही हो सकेगी।
विदित रहे कि गांव बालू निवासी सतीश ने शिकायत दी थी कि उसके कंधे के ऑपरेशन के लिए डॉक्टर ने फर्म से मिलीभगत के महंगा सामान मंगवाया। उससे अवैध वसूली की। जब उसने विरोध किया तो उसके भाई को झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई। इस शिकायत के बाद जिला अस्पताल के सामने स्थित एक दुकान से भारी मात्रा में हड्डी के ऑपरेशन का सामान बरामद किया गया था। ड्रग कंट्रोल ऑफिसर ने सामान को कोर्ट में जमा करवाते हुए केस दायर करवा दिया। वहीं शेष आरोपों के लिए डॉ. आरडी चावला की अगुवाई में टीम द्वारा जांच की जा रही थी। यह जांच रिपोर्ट मंगलवार को सीएमओ को सौंप दी गई। सीएमओ डा. सुरेंद्र नैन ने बताया कि उन्होंने रिपोर्ट डीसी व विभाग में आला अधिकारियों को भेज दी है। वहीं से आगामी निर्णय होना है।
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दूसरी ओर सूत्रों ने बताया कि डॉक्टर को जांच में मरीजों को बिना सामान की लिस्ट लिए सीधा फर्म को सामान के लिए ऑर्डर करने, मरीजों को उसी फर्म से सामान खरीदने के लिए मजबूर करने व सामान मरीजों को ना दिखाकर सीधा ऑपरेशन थियेटर में ले जाने की प्रक्रिया में डॉक्टर की भूमिका नियमों के विरुद्ध बताई गई है। इसके अलावा सबसे गंभीर बात जो सामने आई है, वह यही है कि आरोपी फर्म बीपीएल मरीजों के ऑपरेशन के लिए सामान जिस कीमत पर देती थी, उसी सामान को गैर बीपीएल मरीजों के ऑपरेशन के लिए यही फर्म 3 से 5 गुणा महंगा देती थी। जिससे इस फर्म पर कार्रवाई निश्चित मानी जा रही है। इसके अलावा डॉक्टर को लेकर भी कोई बड़ी कार्रवाई हो सकती है। लेकिन फिल्हाल इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई।
डीसी सुनीता वर्मा ने कहा कि उन्हें जांच रिपोर्ट मिल गई है। इस पर फैसला स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों द्वारा लिया जाना है।
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