मारकंडा डिस्ट्रीब्यूट्री बनी किसानों के लिए सरदर्द
गांव दुसरेपुर के पास एक दिन में तीन जगहों से टूटी नहर
गुहला-चीका। किसानों के लिए वरदान मानी जाने वाली मारकंडा डिस्ट्रीब्यूट्री आजकल उनके लिए सिरदर्द बनी हुई है। तीन दिन पहले टूटी इस मारकंडा डिस्ट्रीब्यूट्री में आज एक ही दिन में चार जगहों पर दरार पड़ गई और नहर का पानी किसानों के खेतों में जा घुसा। दुसरेपुर निवासी पवन शर्मा व विष्णु दत्त शर्मा को सुबह सूचना मिली की उनके खेतों के पास नहर की पटरी में सुराग बना हुआ है। जब इन किसानों ने खेत में जाकर देखा तो पवन के खेत में दो जगहों पर व विष्णु के खेत में एक स्थान व एक अन्य किसान के खेत के पास नहर में दरार पड़ी हुई थी और पानी तेजी से खेतों में फैलता जा रहा था। मुश्किल से किसानों ने इसे बंद किया। किसान नरेश शर्मा, सीता राम, जय भगवान, विष्णु दत्त शर्मा ने बताया कि हर साल नहर की सफाई के लिए लाखों रुपये का बजट आता है लेकिन ठेकेदार सफाई के नाम पर केवल औपचारिकता पूरी कर देता है और अधिकारियों के साथ मिली भक्ति कर सारे पैसे स्वयं हड़प जाता है।
वहीं नहर विभाग के जेई नवीन कुमार ने कहा कि हर साल मनरेगा के तहत नहर की सफाई करवाई जाती थी लेकिन इस बार मनरेगा से सफाई करवाने की मंजूरी नहीं मिली। किसी प्राइवेट एजेंसी को नहर की सफाई का ठेका दिया गया था लेकिन उक्त ठेकेदार द्वारा सफाई का काम शुरू करने से पहले ही नहर में पानी छोडना पड़ा है। ठेकेदार के मजदूर नहर में चलते पानी में सफाई का काम कर रहे हैं। नहर के टूटने की सूचना मिलते ही जेसीबी मशीन भेज कटाव को भरा गया है।