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पंचकूला हिंसा मामले में जिला परिषद सदस्य रवि बाजीगर को एसआईटी ने लिया हिरासत में

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पंचकूला हिंसा मामले में जिला परिषद सदस्य रवि बाजीगर को लिया हिरासत में, फिर छोड़ा
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कुछ घंटों की पूछताछ के बाद रिहा, पकड़े गए दो अन्य डेरा प्रेमियों को लेकर कोई जानकारी नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सजा के ऐलान के बाद पंचकूला में भड़की हिंसा मामले में एसआईटी ने जिला परिषद सदस्य एवं भाजपा नेता रवि बाजीगर व दो अन्य डेरा प्रेमियों को हिरासत में ले लिया। हालांकि कुछ घंटों की पूछताछ के बाद रवि बाजीगर को तो छोड़ दिया गया पर अन्य दोनों डेरा प्रेमियों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। हालांकि एसआईटी ने डेरा प्रेमियों को पकड़ने की कार्रवाई को रविवार तड़के करने की बात कह रहे हैं,पर इसकी चर्चा सोमवार को लोगों के सामने आई। जिप सदस्य रवि बाजीगर ने पंचकूला पुलिस की ओर से उन्हें पकड़े जाने और बाद में रिहा करने की खबरों की पुष्टि की है।
काबिले जिक्र है कि गुहला चीका में डेरा प्रेमियों की बहुत बड़ी तादाद है। 25 अगस्त को जिस दिन डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम को सीबीआई अदालत ने सजा सुनाई, उस दिन भी यहां के सैकड़ों प्रेमी पंचकूला में मौजूद थे। हालांकि पंचकूला में हुई हिंसा की किसी भी गतिविधि में गुहला चीका के किसी भी डेरा प्रेमी का नाम सीधे तौर पर नहीं सुना गया पर चर्चाएं जरूर चलती रही कि इस मामले में गठित एसआईटी जब भी अपनी जांच को आगे बढ़ाएगी कुछ लोगों की गर्दन जरूर नप सकती है। जब इस मामले में कुछ डेरा प्रेमियों से संपर्क करने की कोशिश की गई तो सब ने इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
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गुहला थाना प्रभारी सत प्रकाश ने कहा कि एसआईटी की टीम ने गुहला थाना के तहत आने वाले गांव तारांवाली से जिला परिषद सदस्य रवि बाजीगर, रामथली समाधां से हंस राज व एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया था। एसएचओ ने बताया कि पकड़े गए लोगों को छोड़ दिया गया है या उनकी गिरफ्तारी डाली गई है, इस विषय में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। पूर्व कांग्रेस विधायक दिल्लू राम बाजीगर के पुत्र ज्ञान बाजीगर को बड़े अंतर से हराकर जिला परिषद सदस्य बने भाजपा के युवा नेताओं में शुमार रवि बाजीगर ने कहा कि उन्हें एक साजिश के तहत फंसाने की कोशिश हुई थी मगर एसआईटी ने उनसे पूछताछ करके संतुष्ट होने के बाद उन्हें जाने दिया। रवि बाजीगर ने बताया कि करनाल सीआईए के माध्यम से एसआईटी पंचकूला ने उन्हें बुलाया था। 25 अगस्त को उनकी लोकेशन चेक की गई तथा मोबाइल के रिकार्ड की क्रास चेकिंग की गई। रवि बाजीगर ने बताया जब एसआईटी को उनके खिलाफ कुछ नहीं मिला तो उन्होंने उन्हें जाने दिया।
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