नगर परिषद में जन्म प्रमाण पत्र के मुद्दे पर हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद में फर्जी जन्म प्रमाण बनाए जाने के मामले में अब पार्षद ही आमने-सामने आ गए हैं। कुछ पार्षदों का आरोप है कि अपने चहेते कर्मचारियों को बचाने के लिए पार्षद एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। वहीं कुछ पार्षदों का कहना है कि बेवजह बेकसूर कर्मचारियों को रंजिश के कारण निशाना बनाया जा रहा है। वहीं जिस कर्मचारी पर फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र बनाने का आरोप है, उसका कहना है कि इस कार्यालय की 4 चाबियां हैं। कोई भी ऐसा काम कर सकता है। बुधवार को परिषद में पहुंचे कुछ पार्षदों के बीच जमकर गर्मागर्मी भी हुई। कार्यकारी चेयरमैन डा. पवन थरेजा का कहना है कि इस मामले में ईओ की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
कर्मचारियों के पक्ष-विपक्ष में आए पार्षद : नगर परिषद में एक कर्मचारी पर फर्जी प्रमाण पत्र बनाए जाने का आरोप है। कुछ पार्षद इस कर्मचारी को निर्दोष बता रहे हैं। इन पार्षदों का कहना है कि इस कर्मचारी के साथ कुछ पार्षद निजी रंजिश रखते हैं। वे अपनी रंजिश निकालने के लिए उसे निशाना बना रहे हैं। फर्जी प्रमाण पत्र में उसका कोई रोल नहीं है। बुधवार को परिषद कार्यालय में पहुंचे पार्षदों में खूब वाकयुद्घ हुआ। हंगामे के चलते एक बार तो कर्मचारी भी एकत्रित हो गए थे।
दूसरी ओर दूसरे पक्ष के पार्षदों का कहना है कि परिषद में एक पूरा बड़ा गिरोह फर्जी प्रमाण पत्र बनाने के धंधे में संलिप्त है। यहां रजिस्टरों में कटिंग की हुई है। मनमर्जी के नाम चढ़ाए गए हैं। यदि विस्तृत जांच हो जाए तो बड़े घोटाले का खुलासा होगा, जिसमें कई अधिकारी भी संलिप्त मिल सकते हैं।
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले कक्ष की चार चाबियां : नगर परिषद में चेयरमैन पवन थरेजा के साथ हुई पार्षदों की मीटिंग में जन्म मृत्यु प्रमाण-पत्र बनाने वाले कर्मचारी ने बताया कि जन्म प्रमाण पत्र पर उनके कोई हस्ताक्षर नहीं हैं। इस कक्ष की 4 चाबियां है। दोपहर को 1-2 बजे तक किसी अन्य कर्मचारी के पास, शाम को ईओ कार्यालय में कर्मचारी को चाबी सौंपी जाती हैं। हो सकता है किसी ने पीछे से कोई हरकत कर दी हो। उन्होंने यह फर्जी प्रमाण पत्र नहीं बनाया। अब सवाल उठता है कि आखिर इस कक्ष की 4 चाबियां किसने और क्यों बनवाई हुई हैं? इस बात का खुलासा जांच में ही हो सकता है।
जांच में दोषी पाए जाने पर होगी कार्रवाई : कार्यकारी चेयरमैन डा. पवन थरेजा ने बताया कि आशंका है कि इस शाखा में कुछ गलत हो रहा है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएगा, उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि कर्मचारी दोषी पाया गया तो केस भी दर्ज करवाया जाएगा। कई कर्मचारी संदेह के घेरे में हैं। जांच के लिए सात दिन का समय दिया गया है।
दलाल का ऑडियो भी आया सामने : फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने वाले जगरूप ढुल ने अब इस मामले की बातचीत तय करने वाले दलाल के साथ फोन पर हुई बातचीत को सार्वजनिक कर दिया है। बातचीत में दलाल से पहले 7 हजार रुपये में सौदा होता है और वह छह हजार में मान जाता है। एक सप्ताह के बाद फर्जी बना जन्म प्रमाण-पत्र आ जाता है। ऑडियो को सुनकर पार्षद व अन्य कर्मचारी हैरान रह गए।
मामले को बंद करने का बनाया जा रहा है दबाव : जगरूप ढुल ने बताया कि उन्होंने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का मामले को उजागर किया था। कई पार्षद व शहर वासी मामले का दबाना चाहते हैं। वे इस मामले को खत्म करने का दबाव डाल रहे हैं। यह मामला एसडीएम व सीएमओ के संज्ञान में है। लेकिन मामले में किसी प्रकार की कोई कार्रवाई अभी तक नहीं की गई है।
पार्षदों द्वारा खुद लगवाए गए कर्मचारियों को बचाने का हो रहा है प्रयास
वहीं कर्मचारियों के समर्थन में आए पार्षदों ने कहा-बेवजह फंसाया जा रहा है कुछ कर्मचारियों को
चेयरमैन बोले, ईओ की रिपोर्ट के बाद डीसी को दी जाएगी शिकायत, होगी एफआईआर
फोटो नंबर- 27 व 28