शुरुआत से अंतिम समय तक रहा विवादों का साया
- पहले दिन मैच ही नहीं हो पाए, अंतिम दिन नेशनल लेवल के खिलाड़ियों ने लगाए निजी फेडरेशन के खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के आरोप
कमल कुमार
कैथल। राज्यस्तरीय विद्यालय क्रीड़ा प्रतियोगिता के शतरंज के मुकाबले गैर सरकारी फेडरेशन के सचिव को खेल अधिकारी बनाए जाने व नियमों की आपत्ति के बीच विवादों की भेंट चढ़ गई। प्रदेश भर के जिलों में स्कूलों से आए डीपीई व पीटीआई तीनों दिन खेल प्रतियोगिता के लिए अधिकारी बनाए गए निजी फेडरेशन के सचिव को कोसते नजर आए। वहीं अंतिम दिन खिलाड़ियों ने लिखित में शिकायत देकर उक्त सचिव की कार्यप्रणाली, प्रतियोगिता में अव्यवस्था व नियमों में हेरा-फेरी सहित परिणाम में भेदभाव का आरोप लगाकर जांच की मांग की है। कोच व पीटीआई का सवाल था कि खेल मंत्री अनिल विज के मंत्रालय में यह कौन सा खेल चल रहा है? यह बात समझ से परे है।
प्रदेश स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता के मुकाबले हिंदू कन्या स्कूल में सात सितंबर से होने थे। पहले ही दिन गैर सरकारी फेडरेशन के सचिव को खेल अधिकारी बनाए जाने का पीटीआई व खेल अधिकारियों में रोष था। नियमों पर विवाद के बीच पहले दिन कोई भी मुकाबला नहीं हो पाया। 8 व 9 सितंबर को मुकाबले हुए। लेकिन 9 की देर शाम तक मुकाबले हुए तो परिणाम पर बवाल हो गया। बच्चों ने सुनवाई न होने पर एडीसी को शिकायत दी। जिस पर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जिला शिक्षा अधिकारी व पुलिस बल आयोजन स्थल पर पहुंचा। यहां खुद को असुरक्षित महसूस करने की बात कहने पर अधिकारियों ने भी उक्त खेल अधिकारी बनाए गए सचिव को खूब लताड़ लगाई। बच्चों का तो यहां तक आरोप है कि खेल अधिकारी बनाए गए निजी फेडरेशन के सचिव अपनी फेडरेशन के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए यह सब कर रहे हैं। पहले दिन मुकाबले नहीं हुए। प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताएं ऐसे नहीं होतीं।
पानीपत के कोच विकास शर्मा ने बताया कि गेम में नियमों को लेकर शनिवार शाम को भी उक्त सचिव के साथ उनकी अनबन हो गई थी। जिसमें उन्होंने कहा कि आप जो चाहे कर लो। जिस भी अधिकारी को शिकायत देनी हो दे दो। वह किसी भी अधिकारी से नहीं डरेंगे। क्योंकि यह गेम एसोसिएशन के रूल के मुताबिक चलेगी। विभाग हो या सरकार वो भी एसोसिएशन के नियमों का पालन करेगी। इस पर उन्होंने एफआईआर करवाने तक की धमकी दे डाली।
एचसीए की वेबसाइट पर डाली विवादित टिप्पणी
सेक्रेटरी का विरोध कर रहे कोचों ने कहा कि इस सचिव ने हरियाणा चेस एसोसिएशन की साइट पर विवादित टिप्पणी लिख हुई है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि गुरुग्राम में शतरंज के शत्रुओं ने जो आतंक मचाया था। एचसीए इस बार सभी प्लेयर्स के साथ 100 प्रतिशत न्याय करके उस आतंक का दाग धोएगी व शतरंज के शत्रुओं का नाश शुरू। ऐसी बातों का यही मतलब निकलता है कि बच्चों को जानबूझ कर परेशान किया जा रहा है।
मंत्रालय में कौन सा खेल हो रहा है
कई कोचों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अनिल विज तेज तर्रार खेल मंत्री हैं। उनके मंत्रालय में इस तरह का खेल कैसे चल रहा है। यह समझ से परे है। उनको इस पूरे मामले की जांच करवानी चाहिए कि सरकारी प्रतियोगिता के लिए निजी फेडरेशन के सचिव को कैसे कमान दे दी गई और यदि कमान दी भी गई तो वे खिलाड़ियों को परेशान क्यों कर रहे हैं?
वहीं एचसीए के सचिव कुलदीप कुमार ने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार इस बार पूरी पारदर्शिता से खेल मुकाबले हुए हैं। कुछ लोगों को पारदर्शिता से परेशानी है। इसी कारण उन पर आरोप लगाए जा रहे हैं। सभी आरोप बेबुनियाद हैं। वे नियमानुसार हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं।