बहुत दिनों से भरा था गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। गांव हरिगढ़ किंगन के लोगों के दिलो-दिमाग पर पर छाया गुस्सा अब भी फनफना रहा है। बुधवार-वीरवार की रात को गांव में जो हुआ, वह उस गुस्से की बानगी भर थी। लोगों में आक्रोश बिजली चेकिंग के टाइमिंग को लेकर है। लोग कहते हैं कि रात को 9 बजे के बाद बिजली कर्मी किसी भी वक्त आ जाते हैं। चेकिंग के नाम पर घर में घुस जाते हैं और कभी इस तो कभी उस कमरे में दनदनाते फिरते हैं। सोई महिलाएं हड़बड़ा जाती हैं। बच्चे सहम जाते हैं। गांव वाले कहते हैं कि हम आतंकवादी नहीं है कि आधी रात को आकर सरकारी लोग हमारी तलाशियां लें।
मसला ये है कि बुधवार रात को बिजली महकमे के कुछ लोग चेकिंग करने के लिए गांव के एक घर में घुसे थे। लोगों को पता चला तो उन्होंने उन्होंने उक्त घर पर ही हमला बोल दिया। बिजली कर्मियों को बचाने आई पुलिस ने लाठियां भांजी तो लोगों ने पुलिस पर भी पत्थर बरसा दिए। लोगों में गुस्सा इतना ज्यादा था कि आधी रात के बाद ही पुलिस गांव वालों को इस बात के लिए सहमत कर पाई कि वे घर में छुपे बैठे बिजली कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकल जाने दें।
वीरवार को हरिगढ़ किंगन का चक्कर काटा तो लोग इधर उधर टोलियों में बैठेे मशविरे करते दिखे। हर जगह रात की घटना की चर्चा थी। नाम ना छापने की शर्त पर ही लोग पत्रकारों से बातचीत को राजी हुए।
एक बुजुर्ग ने सवाल उठाया कि किसी के मुंह पर थोड़े ही लिखा होता है कि वह बिजली कर्मी है या कोई चोर डाकू। ऐसे तो बिजली कर्मियों के नाम पर कोई भी रात को किसी के घर में घुस जाएगा। दूसरे बुजुर्ग ने कहा कि दिन में भी तो चेकिंग हो सकती है। एक नौजवान ने कहा कि निजता भी कोई चीज होती है कि नहीं। इतना अंधेर कैसे सहन हो कि आधी रात को कोई आपका दरवाजा खटखटाए और आपके तमाम कमंरों में ताका-झांकी करता फिरे। एक दूसरे नौजवान ने कहा कि बदतमीजी भी तो करते हैं बिजली कर्मचारी। पूरे परिवार से ऐसे बिहेव करते हैं जैसे हम चोर उचक्के हों और वे हमारे ऊपर राज करने वाले राजा महाराजा।
चेकिंग करनी है तो दिन में आएं
जिस घर के मीटर की चेकिंग हुई उसके बाहर एक नोहरे में जुड़े बैठे बुजुर्गों का कहना था कि बिजली महकमा दिन में आए, चेकिंग करे, हमें कोई ऐतराज नहीं पर रात को किसी के घर में घुसने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बिजली वालों को यही आशंका होती है ना कि किसी ने मेन लाइन से डायरेक्ट कुंडी ना लगाई हो तो वह तो बाहर से भी नजर आ जाती है। किसी के घर में घुसने की क्या जरूरत है। अगर मीटर में गड़बड़ है तो वह दिन में भी उतारा जा सकता है उसके लिए भी रात को किसी के घर में घुसने की जरूरत नहीं है।
बहुत दिनों से चल रहा था सिलसिला
गांव वालों ने आरोप लगाया कि बिजली कर्मचारियों की रात्रि चेकिंग का सिलसिला कई दिनों से चल रहा था। हर कोई बिजली कर्मियों के आने की टाइमिंग के कारण रोष से भरा पड़ा था। रात जब बिजली महकमे के गांव में आने की खबर फैली तो पूरा गांव घरों से बाहर निकलकर उस घर के सामने जमा हो गया जहां बिजली कर्मी बैठकर उतारे गए मीटर को पैक कर रहे थे।
पुलिस कर्मियों को चोट पर अफसोस:-लोगों ने कहा कि इस घटना में पुलिस कर्मियों को जो चोट आई है, उसके लिए अफसोस है। यह बाहर से आए शरारती तत्वों ने पहुंचाई। गांव के लोगों ने ऐसा नहीं किया।