कैथल। गत 11 जून को हाईकोर्ट के आदेश पर सीटीएम प्रदीप अहलावत की अध्यक्षता में हुई नगर परिषद की बैठक की कार्रवाई को डीसी डॉ. प्रियंका सोनी ने अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए रद्द कर दिया है। इसके साथ ही बैठक में पारित प्रस्ताव भी रद्द समझे जाएंगे। उक्त बैठक के दौरान 18 पार्षदों ने सीटीएम पर अपशब्द कहने का आरोप लगाते हुए डीसी से मिलकर बैठक रद्द करने की मांग की थी। लेकिन सीटीएम प्रदीप अहलावत ने कोरम पूरा होने की बात कहते हुए बैठक को सफल करार दिया था और उसमें 13 प्रस्ताव पारित हुए थे।
13 प्रस्ताव हुए थे पारित:
11 जून को हुई बैठक में भाजपा समर्थित पार्षदों के बहिष्कार के बाद कांग्रेस पार्षदों की मौजूदगी में हाउस की मीटिंग की कार्रवाई जारी रही। जिसमें रखे गए सभी 13 एजेंडों को पास कर दिया गया। इन एजेंडों में पार्षदों द्वारा उठाए गए सवालों सफाई कर्मचारियों, स्ट्रीट लाइट, टेंडर खोलने की प्रक्रिया, ठेकेदारों द्वारा टेंडर लिए जाने के बावजूद काम न करने, शहर में प्रचार के लिए टेंडर छोड़े जाने, दुकानों के किराये, खाली पड़ी नगर परिषद की दुकानों की बोली किए जाने, पार्कों की मेंटीनेंस, नगर परिषद कार्यालय में कर्मचारियों के गैर हाजिर रहने जैसे सवालों पर जवाब देकर एजेंडों को पास घोषित कर दिया गया था। इस बैठक में चेयरपर्सन सीमा कश्यप, वाइस चेयरमैन डॉ. पवन थरेजा, महेंद्र थरेजा, किरण भान, सुनीता रानी, सरदार हरजिंद्र सिंह, वीरेंद्र उर्फ बिल्लू सैनी, संजय भौरिया, महेंद्रो देवी, वेद प्रकाश, बबीता मित्तल, शशी किरण ने भाग लिया था।
इन पार्षदों ने डीसी से मिलकर की थी बैठक रद्द करने मांग:
उक्त बैठक में पार्षदों में पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति, राकेश सरदाना, गोपाल सैनी, प्रवीन शर्मा उर्फ काला सांघन, दीपक शर्मा, विनोद सोनी, ज्योति सैनी, कुलदीप सैनी, तृप्ता सचदेवा, संतोष भोला, आशा रानी, रेखा सिंगला, रमा मित्तल, निशा गर्ग, रमेश गुप्ता, बृज मोहन सिंगला ने डीसी से मिलकर बैठक को रद्द करने की मांग की थी। जिस पर डीसी ये फैसला दिया है।
पार्षद प्रतिनिधि एडवोकेट धर्मबीर भोला ने कहा कि डीसी के पास नगर परिषद की बैठक को रद्द करने का अधिकार है। अब डीसी द्वारा बैठक बुलाई जा सकती है।
सीटीएम ने एक बार कहा, मैं फोन पर जवाब नहीं देता..इसके बाद 4 बार फोन उठाया, आवाज नहीं आई:
इस फैसले पर सीटीएम प्रदीप अहलावत से जब पूछा गया कि आपने जिस बैठक को कोरम पूरा होने की बात कहकर सफल घोषित किया था। उस बैठक को डीसी महोदय ने रद्द कर दिया है। आपका कुछ कहना है? इस पर उन्होंने एक बार तो कहा कि मैं इस तरह फोन पर जवाब नहीं देता। इसके बाद उनके फोन से आवाज नहीं आई। 4 बार उन्हें फिर से कॉल की गई। फोन रिसीव तो जरुर हुआ, लेकिन उनके फोन से आवाज नहीं आई।
डीसी डॉ. प्रियंका सोनी ने कहा कि 11 जून की बैठक को रद्द करने के लिए एसडीएम को अधिकारी नियुक्त किया गया है। अब यह बैठक दोबारा होगी। एसडीएम कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे हाउस की बैठक का समय निर्धारित करेंगे।