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जिले के 60 स्कूलों पर लटकी तलवार, गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को तुरंत बंद करने व बंद ना करने पर एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश

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नसीब सैनी
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कैथल। जिले में चल रहे 60 उन स्कूलों पर तलवार लटक गई है, जिन्हें अभी तक मान्यता प्राप्त नहीं है। शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किए हैं कि ऐसे स्कूलों को बंद किया जाए। यदि ये बंद नहीं किए जाते तो इन स्कूल संचालकों के खिलाफ तुरंत प्रभाव से एफआईआर दर्ज करवाई जाए। डीईओ ने जिले के सभी ब्लॉकों में खंड शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में नोटिस जारी कर दिए हैं।
60 स्कूल चल रहे हैं बिना मान्यता के : शिक्षा विभाग के अनुसार जिले में सभी छह ब्लॉकों में 60 स्कूल ऐसे हैं जो मान्यता प्राप्त नहीं कर पाए हैं। इन स्कूलों की सूची विभाग ने पहले भी जारी की थी। स्कूल संचालकों को मान्यता संबंधी नियम पूरे करने के लिए निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। कई बार इस संबंध में नोटिस जारी करने के बावजूद ये स्कूल संचालक नियमों की पालना नहीं कर रहे हैं।
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तुरंत एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश : शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सभी ब्लॉकों में खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि यदि स्कूलों के पास मान्यता नहीं है तो उनके खिलाफ तुरंत प्रभाव से एफआईआर दर्ज करवाई जाए। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शमशेर सिंह सिरोही ने बताया कि दो-तीन दिन पूर्व विभाग के निर्देश प्राप्त हुए हैं। इसमें गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों के खिलाफ केस दर्ज करवाए जाने के आदेश हैं। इन सभी को नोटिस पहले ही जारी हो चुका है। यदि ये अब भी खुले मिलते हैं तो संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। कुछ दिनों पूर्व ऐसे स्कूलों की संख्या 60 थी।
हजारों बच्चों की पढ़ाई हो सकती है प्रभावित : जिले भर में स्थित इन 60 स्कूलों को एकदम से बंद किया जाता है तो हजारों बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। कई स्कूल संचालक तो नियमों की अनदेखी करते हुए महज तीन से चार कमरों में स्कूल चला रहे हैं। जहां बच्चों के लिए कोई भी ढंग की सुविधा उपलब्ध नहीं हैं।
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फर्जी मान्यता लेने के मामले की भी चल रही है विभागीय विजिलेंस जांच : डीईओ कार्यालय के कई कर्मचारियों की मिलीभगत से जिले में कई स्कूल संचालकों को फर्जी मान्यता के लिए आवश्यक कागजात जारी कर गए थे। इस मामले की जांच पहले जिले स्तर पर की गई। इसके बाद विभाग स्तर पर भी विजिलेंस के माध्यम से जांच करवाई जा रही है। यह जांच चलते हुए काफी समय बीत गया है। अभी तक इसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों को मान्यता देने के संबंध में पिछले वर्षों में कुछ परिवर्तन किए थे। उन्हीं परिवर्तनों का लाभ उठाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से ऐसा पत्र जारी करवा लिया गया, जिसके आधार पर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त कर ली गई। कई स्कूल तो ऐसे वर्षों की मान्यता लिए हुए हैं, जिन वर्षों में वे खुले भी नहीं थे। लेकिन इस पूरे मामले का अभी तक पटाक्षेप नहीं हो पाया है।
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