गर्भवती पत्नी का अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए भटक रहा नेपाली युवक
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अमर उजाला ब्यूरो
पूंडरी। नौकरी करने के लिए भारत आया नेपाली युवक सरकार की नीतियों के चलते अपनी गर्भवती पत्नी का इलाज नहीं करा पा रहा है। चेतन बिष्ट मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है। वह डेढ़ वर्ष पहले पत्नी पार्वती बिष्ट के साथ रोजगार के लिए पूंडरी आया था। वह हुडा कॉलोनी में चौकीदारी करता है। उसकी पत्नी लगभग 6 माह की गर्भवती है। उसे उसका नियमित चेकअप और इलाज करवाने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
चेकअप के दौरान चिकित्सकों ने उसकी पत्नी को अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह दी, लेकिन जब वो अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए जा रहा है तो उससे उसके आईडी प्रूफ के रूप में आधार कार्ड की मांग की जाती है, जबकि नेपाल निवासी होने के कारण उसके पास यहां का कोई स्थाई आईडी प्रूफ नहीं है। पत्नी के इलाज के लिए उसने अपना पैन कार्ड और स्थानीय पार्षद से लिखवाकर भी दिया लेकिन सरकारी अस्पताल व अन्य प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सकों ने इसे पर्याप्त न बताकर उसकी पत्नी का अल्ट्रासाउंड करने से मना कर दिया। ऐसी स्थिति में वो अपने बच्चे व पत्नी की सुरक्षा के लिए परेशान है। वह प्रशासनिक अधिकारियों के भी लगातार चक्कर काट रहा है।
डिप्टी सीएमओ (पीएनडीटी) चिकित्सक नीलम ककड़ ने बताया कि चेतन जहां पर कार्य कर रहा है। संबंधित संस्था या एसोसिएशन और स्थानीय आशा वर्कर से लिखवाकर चिकित्सक को दे। अगर उसके बावजूद भी उसे कोई परेशानी आती है तो वह उनसे संपर्क कर सकता है।