पूर्वजों की सद्गति के लिए फल्गु मेले में उमड़ी अंतिम दिन 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़
दोपहर 11 बजे तक मेले में भीड़ थी न के बराबर, 11.32 मिनट पर अमावस्या शुरू होते ही उमड़े श्रद्धालु, देर रात तक लगा रहा तांता
स्वर्ग सिधार गए पूर्वजों व पित्तरों की मोक्ष कामना के लिए किया पवित्र सरोवर में तर्पण, महिलाओं की संख्या काफी ज्यादा रही मेले में
14 दिनों में लगभग 9 लाख श्रद्धालुओं ने करवाया पिंडदान, अब 2028 में बताया जा रहा है फल्गु मेले के लिए योग
फोटो संख्या-12 से 28
अमर उजाला ब्यूरो
ढांड/पूंडरी। पूर्वजों के मोक्ष प्राप्ति के लिए गया के बराबर फल देने वाले फल्गु तीर्थ पर सोमवार को अमावस्या के उपलक्ष्य में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान कर पिंडदान करवाया। 14 दिनों से जारी मेले में लगभग 9 लाख श्रद्धालु पहुंचे और अपने पूर्वजों के मोक्ष की कामना के निमित्त पूजा-अर्चना की। अब वर्ष 2028 में सोमवती अमावस्या पर मेले का योग बनेगा।
14 दिनों से जारी मेले में सोमवार को सुबह 11 बजे तक भी ज्यादा भीड़ नहीं थी। अधिकतर घाट खाली पड़े थे। जबकि सड़क के दूसरी ओर बनाया गया नया घाट तो पूरी तरह से खाली नजर आ रहा था। लेकिन जैसे ही 11.32 पर अमावस्या शुरू हुई, उसके आधे घंटे बाद तक तीर्थ पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जो शाम तक जारी रही। देर रात तक सोमवार को लगभग 2 लाख श्रद्धालुओं ने पिंडदान करवाकर पूर्वजों की आत्मा की शांति व मोक्ष प्राप्ति की कामना की। दोपहर बाद फल्गु तीर्थ को आने वाले सभी सड़कों व गलियों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। श्रद्धालुओं ने पवित्र मंदिर में फलक ऋषि के दर्शन किए तथा पूजा अर्चना की।
मेले में सूचना केंद्र के माध्यम से सूचनाएं दी गईं। वहीं गोताखोर भी दिन भर रस्सी से आगे जाने वाले श्रद्धालुओं पर नजर रखे रहे। मेले में लोगों, महिलाओं, बच्चों ने जमकर खरीददारी की। मिठाई से लेकर यूपी के खजला तक खाद्य पदार्थों का भी जमकर लुत्फ उठाया।
फल्गु मेले के पुजारी दिनेश शर्मा ने बताया कि सोमवार को दोपहर 11 बजकर 32 मिनट पर अमावस्या शुरू हुई। जिस कारण दोपहर को ही भीड़ ज्यादा आई है। इस बार दोपहर को अमावस्या शुरू होने के कारण यह मंगलवार तक जारी रहेगी। हमारे सनातन धर्म के अनुसार सुबह शुरू होने वाली अमावस्या की ही ज्यादा मान्यता है। इसलिए काफी लोग मंगलवार की अमावस्या मान रहे हैं। यही कारण है कि इस बार सुबह तक भीड़ अपेक्षाकृत कम थी। लेकिन गयाजी सहित अन्य तीर्थों के विद्वानों के अनुसार दोपहर बार पितृ पूजा काफी अच्छा समय माना गया है। अगली बार मेले का योग वर्ष 2028 में बनेगा।
सूचना एवं जन संपर्क एवं भाषा विभाग की भजन मंडली ने किया मनोरंजन : मेले में सूचना जन संपर्क एवं भाषा विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय की भजन मंडलियों, सिनेमा यूनिट, नाटक यूनिट तथा कला एवं सांस्कृतिक विभाग की टीम ने सरकार द्वारा क्रियान्वित की जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं व विकास कार्यों की जानकारी दी गई। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मंत्र-मुग्ध किए रखा। क्षेत्रीय कार्यालय, सफीदों एवं कुरुक्षेत्र की भजन पार्टियों तथा करनाल कार्यालय की नाटक पार्टी द्वारा पूरी रात श्रद्धालुओं को भक्ति रस से सराबोर रखा। इन कलाकारों में नाटक निरीक्षक रामफल शर्मा, दिलावर शर्मा एंड पार्टी, रामनिवास एंड पार्टी, बलबीर शर्मा, जगदीश चंद, राजेंद्र कुमार, जयपाल, रविदत्त, बलवान सिंह, रामफल, प्रदीप कुमार, मदन, मनोज पुरी, करनाल के नाटक निरीक्षक सूरजभान व कलाकारों ने शीषपाल, राम कुमार, ईशम सिंह, सुमेर व प्यारे लाल ने प्रभु भक्ति के गीतों के मोहपाश में श्रद्धालुओं को पूरी रात बांधे रखा।
सुबह शुरू होने वाली सोमवती अमावस्या वाले मेले के मुकाबले फीका रहा इस बार फल्गु मेला
दो दिनी सोमवती अमावस्या के कारण नहीं पहुंचे दूर-दराज से श्रद्धालु
सामान विक्रेता दुकानदारों व व पिंडदान करवाने वाले पंडितों को अमावस्या शुरू होने तक सताता रहा यहां आने का खर्च तक पूरा ना होने का डर
दोपहर के समय बढ़ी भीड़ से मिली राहत
हर मेले में आते थे मुख्यमंत्री, इस बार सीएम तो क्या अमावस्या के दिन डीसी तक नहीं पहुंचे मेले में
नसीब सैनी
कैथल। वर्ष 2015 में संपन्न हुए मेले में तीर्थ के पुराहितों सहित विद्वानों ने ऐलान किया था कि अगला फल्गु मेला सोमवती अमावस्या के योग के चलते 2028 में आएगा। लेकिन इस बार सोमवार को आंशिक अमावस्या के चलते लगे फल्गु मेले में वह रौनक दिखाई नहीं दी, जो पिछले मेलों में दिखती थी। सोमवार को अमावस्या के बावजूद दोपहर 11 बजे तक सभी घाट लगभग खाली नजर आ रहे थे। जिस तीर्थ पर बस अड्डे से घाटों तक पहुंचने में ही 1 से 2 घंटे लग जाते थे, सुबह के समय उसके अधिकतर घाटों पर गिनती के लोग स्नान करते नजर आ रहे थे। अधिकतर पुरोहित लोगों के इंतजार में खाली बैठे थे। दुकानदारों व पुरोहितों को यहां पहुंचने का खर्च तक पूरा न होने का डर सता रहा था। लेकिन अमावस्या 11 बजकर 32 मिनट पर क्या शुरू हुई कि श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई। इसके बाद दुकानदारों व पुरोहितों ने कुछ राहत की सांस ली। चूंकि सोमवार को आंशिक अमावस्या थी, जबकि सनातन धर्म के अनुसार सुबह शुरू होने वाली अमावस्या ही सोमवती अमावस्या मानी जाती है। इसलिए इस बार इस मेले में दूसरे राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम नजर आई। अधिकतर भीड़ स्थानीय ही दिख रही थी। हालांकि पंजाब क्षेत्र से जरूर श्रद्धालु दिख रहे थे।
एक बार फिर पुरोहित ने कहा-अब 2028 में आएगा मेला : तीर्थ के पुरोहित दिनेश शर्मा ने एक बार फिर कहा कि अब मेला वर्ष 2028 में आएगा। क्योंकि इस माह के सोमवती अमावस्या का योग 2028 में ही बन रहा है। जबकि इन्हीं पुरोहित ने वर्ष 2015 में भी यही कहा था कि यह योग अब 2028 में बनेगा। लेकिन आंशिक अमावस्या के चलते इस साल भी मेला आयोजित किया गया। पुरोहित दिनेश शर्मा ने बताया कि दोपहर को अमावस्या का योग होने के कारण मेला आयोजित किया गया। जिसमें शास्त्रों के अनुसार दोपहर का समय पिंडदान करवाने के लिए उत्तम माना जाता है। इसी कारण यह मेला आयोजित हुआ। भीड़ इसलिए कम आई कि सनातन धर्म में सुबह शुरू होने वाली अमावस्या को ही सोमवती अमावस्या के तौर पर ज्यादा मान्यता दी जाती है। पिछली बार इस बात को बताने में त्रुटि रह गई कि वर्ष 2018 में भी मेले का योग बन रहा है। अब निश्चित तौर पर मेले का योग वर्ष 2028 में बन रहा है।
सीएम तक आते थे, इस बार वीआईपी काफी कम पहुंचे : लाखों की भीड़ के चलते हर बार मेले में मुख्यमंत्री से लेकर तमाम वीआईपी पहुंचते थे। लेकिन सोमवार को इस बार ना तो मुख्यमंत्री और ना ही कोई मंत्री ही पहुंचा। सूचना आयुक्त भूपेंद्र धर्माणी, कैग चेयरमैन संजीव कौशिक, न्यायाधीश इंद्रजीत मेहता, एचपीएससी सदस्य पवन गर्ग, पूर्व मंत्री जिले राम शर्मा, राव सुरेंद्र सिंह, न्यायाधीश सौरभ, जेएमआईसी अमित शर्मा सहित कई अन्य वीआईपी पहुंचे।
बिजली विभाग ने फल्गु मेले में चलाया जागरूक अभियान
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पूंडरी। बिजली निगम द्वारा फल्गु मेले में खुला दरबार लगा कर लोगों को विभाग की ब्याज माफी व हारा गांव जगमग गांव योजना को लेकर जागरूक अभियान चलाया गया। इस अवसर पर विभाग के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर एचपी शर्मा व कार्यकारी अभियंता सोमबीर सिंह ने विभाग की बिल निपटान योजना के बारे में अवगत करवाते हुए स्कीम का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। चीफ इंजीनियर एचपी शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार व बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए बिजली के नए रेट का सर्कुलर जारी किया है। जिसका फायदा उन उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिनका बिजली बिल 30 जून तक कोई बकाया नहीं है अर्थात वह डिफाल्टर नहीं है। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को अपना पुराना मीटर यानी काला मीटर बदलवाकर नया मीटर बाहर लगवाना होगा। इस मौके पर एसडीओ दलबीर सिंह, एसडीओ कुलदीप सिंह, विजय जेईप्रअन्य कर्मचारी भी मौजूद थे।