ठेकेदार व उसके कारिंदों ने बंद किया शहर से कचरे का उठान
लोग परेशान, अधिकारी बने हैं अंजान, गाड़ियों में तेल तक डलवाने को नहीं मिल रही राशि
फोटो नंबर-05 से 07
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शहर से बाहर कचरा डालने में आ रही परेशानी के कारण ठेकेदार ने शहर से कचरा उठान बंद कर दिया है। जिस कारण शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। कई जगह साफ-सुथरी सड़कों पर कॉलोनियों में पड़ा कचरा प्रशासन को मुंह चिढ़ा रहा है। लेकिन स्वच्छता अभियान का ढिंढोरा पीट रहे अधिकारियों का शहर की विकट समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं हैं।
किसानों के विरोध की समस्या बरकरार : डंपिंग स्टेशन पर कचरा न डंप होने की समस्या किसानों के विरोध के चलते एक महीने के बाद भी ज्यों की त्यों बनी है। कर्मचारी जहां-तहां जान जोखिम में डालकर कचरा डाल रहे हैं, लेकिन अब जब कहीं भी कचरा डालने की जगह नहीं बची तो कचरा उठान ही बंद कर दिया गया। वीरवार को शहर में से कहीं से भी कचरा नहीं उठा। वहीं मुख्य सफाई निरीक्षक मोहन भारद्वाज ने बताया वीरवार को कचरा डंप करने के लिए कचरा उठान की एक भी गाड़ी नहीं चली है।
यहां लगे है कचरे के ढेर, डोर टू डोर भी बंद हुआ कचरा उठान : शहर में कचरा उठान की समस्या अब लगातार बढ़ने लगी है। यहां तक कि नपा के समीप स्थित कचरे के ढेर का भी उठान नहीं हो पाया है। शहर में अंबाला रोड, ढांड रोड, अमरगढ़ गामड़ी, सीवन गेट, प्रताप गेट, माता गेट, कोठी गेट, कन्या स्कूल, करनाल रोड, हुडा के सेक्टर पर कचरे व गंदगी के ढेर लगने लगे है। इसके साथ ही इन जगहों पर बदबू का आलम है। इसके साथ ही घरों से सुबह व शाम के समय डोर टू डोर कचरा उठाने का कार्य भी वीरवार से बंद हो गया है।
50 लाख का भुगतान भी है बड़ा कारण : सूत्रों ने बताया कि ठेकेदार का नगर पालिका की ओर करीब 50 लाख रुपये बकाया है। इस कारण भी कचरा उठान कार्य बंद कर दिया गया है। हालांकि ठेकेदार मोहन का कहना है कि डंपिंग यार्ड की समस्या के कारण कचरा उठान नहीं हो पा रहा है। लेन-देन का मुद्दा नहीं है। लेकिन बताया जा रहा है कि सफाई कर्मचारियों ने भी गाड़ियों को बंद कर एक जगह पर स्थान पर खड़ा कर दिया।
नगर परिषद चेयरपर्सन प्रतिनिधि सुरेश कश्यप ने बताया कि किसानों के विरोध के चलते तो कचरा डंप नहीं हो पा रहा है। लेकिन ठेकेदार द्वारा कचरा उठान न किए जाने के मामले की कोई जानकारी नहीं है। इसकी जानकारी जुटाने के बाद ही इस पर कुछ कहा जाएगा।