अतिथि अध्यापकों ने काले दिवस के रूप में मनाया अध्यापक दिवस
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। अतिथि अध्यापकों ने अध्यापक दिवस को काले दिवस के रूप में मनाते हुए मंगलवार बाद दोपहर डीईओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। अतिथि अध्यापक जिले से 122 अतिथि अध्यापकों को हटाए जाने व नियमित न किए जाने का विरोध कर रहे हैं।
मंगलवार बाद दोपहर अध्यापक जिला अध्यक्ष सुभाष राविश के नेतृत्व में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए। जहां सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अध्यापक नेताओं ने कहा कि भाजपा नेता सरकार बनते ही अतिथि अध्यापकों को पहली ही कलम से नियमित करने की बात कहते थे। लेकिन आज तक उन्हें नियमित करना तो दूर, अब नौकरी से निकाला जा रहा है। जो उनके साथ अन्याय है। मामूली वेतन में काम कर रहे ये अध्यापक उपेक्षित हैं। जबकि सरकार अध्यापक दिवस मना रही है। अध्यापकों को प्रताड़ित कर कैसा अध्यापक दिवस। इसी कारण संघ द्वारा काला दिवस मनाया जा रहा है। जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष शमशेर नैन ने कहा कि दिल्ली सरकार ने सभी विभागों से कच्चे कर्मचारियों की रिपोर्ट मांग ली है। इसी तरह से हरियाणा में भी नीति लागू कर सरकार को कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सात सितंबर को पूरे प्रदेश में अध्यापक बहन राजरानी का श्रद्धांजलि दिवस मनाएंगे। इस अवसर पर जिला महासचिव सतबीर क्योडक़, विकास राविश, संदीप बूरा, रोहताश नरड़, देवेंद्र शर्मा, ईश्म करोड़ा, संजीव क्योडक़, सुशील, राजपाल, सुशील, कृष्णश्शर्मा, रमेशभाणा, राश्ेान सजूमा, बलवानमुननारेहड़ी, गगन देवबन, ईश्वर सुरता खेड़ा, नरेंद्र ढांडा, यशपला शर्मा, ललित शर्मा, सतीश, शमशेर सिंह, मेवा, सुनीता, डिंपल, वीना, सुमन, रेनू, मधु, अंजू, गीता व पिंकी भी मौजूद थीं।