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बाबा रोड़ा के स् थान पर मत् था टेककर मांगी मन्नतें

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बाबा रोड़ा के स्थान पर मत्था टेककर मांगी मन्नतें
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दुड़ाना में हुआ विशाल मेले का आयोजन, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

अमर उजाला ब्यूरो
राजौंद। निकटवर्ती दुड़ाना गांव में बाबा रोड़ा की 60वीं पुण्यतिथि पर विशाल मेला लगा। मेले में दूरदराज से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर बाबा रोड़ा के स्थान पर मत्था टेककर मन्नतें मांगी। दिनभर पड़ी भयंकर गर्मी भी श्रद्धालुओं की आस्था को कम नहीं कर पाई। मेला स्थल पर पूरा दिन एक विशाल भंडारा भी चलता रहा, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
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मंगलवार को सुबह अखंड पाठ का भोग डालकर दीवान सजाए गए। जिसमें पंजाब, हरियाणा, उत्तरांचल, राजस्थान से कीर्तन व ढाडी रागी आए। रागी जत्था बलकार सिंह जोश इंटरनेशनल जत्थे द्वारा ने पुरी श्रद्धा व आस्था के साथ धार्मिक गुणगान किया जिससे श्रद्धालुओं ने पूरे ध्यान से सुना। बाबा रोड़ा कमेटी के ग्रामीण भूपेंद्र सिंह सरपंच, पूर्व सरपंच मोहत्तम सिंह, इंद्र सिंह चीमा, बलविंद्र, काबल सिंह, रणधीर, जस्सा सिंह, अंग्रेज सिंह, रत्न सिंह, नत्था सिंह, गुलाब सिंह, रामसिंह, पूर्व सरपंच रिछपाल सिंह ने बताया कि गांव में बाबा रोड़ा 1947 में पाकिस्तान से अन्य पंजाबियों के साथ आए थे तथा शुरू से ही उनका ध्यान तपस्या व भक्ति में था। गांव में ही तपस्या में लीन रहते बाबा रोड़ा जी 18 जुलाई 1957 को इस नश्वर संसार से सदा के लिए विदा हो गए। उसी दिन से बाबा की याद में गांव में एक मेले का आयोजन किया जाता है जो अभी तक अनवरत रूप से लगातार जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि बाबा रोड़ा की समाधि पर जो भी श्रद्धालु श्रद्धा व आस्था से नतमस्तक होकर मन्नतें मांगता है वह अवश्य ही पूरी होती है। इसी मान्यता के चलते मेले में पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु 18 जुलाई को बाबा रोड़ा के दर्शनों के लिए अवश्य पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि मेले के आयोजन में ग्रामीणों का पूरा योगदान मिलता आया है।
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