कैथल। जिले में महिलाओं और युवतियों की गुमशुदगी का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात यह हैं कि रोजाना औसतन दो से तीन गुमशुदगी के मामले दर्ज हो रहे हैं। पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति और भी चिंताजनक नजर आती है। इस दौरान कुल 1431 महिलाएं और युवतियां लापता हुईं। हालांकि पुलिस ने इनमें से 1330 महिलाओं को सकुशल परिजनों तक पहुंचाया भी है।
शेष 101 लापता महिला-युवतियों को की खोज कागजों में जारी है। लापता होने वालों में सबसे अधिक संख्या युवा लड़कियों की है। गुमशुदगी के पैटर्न को देखें तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आते हैं। कई छात्राएं सुबह कॉलेज के लिए घर से निकलती हैं, लेकिन शाम तक वापस घर नहीं लौटतीं। वहीं कई गृहिणियां और कामकाजी महिलाएं बिना किसी पूर्व सूचना या विवाद के अचानक घर छोड़ देती हैं।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कई मामलों में सोशल मीडिया के जरिए अनजान लोगों से संपर्क और प्रेम संबंध गुमशुदगी की बड़ी वजह बन रहे हैं।
क्या झड़ेगी फाइलों से धूल
लगातार बढ़ते मामलों और 101 महिलाओं के अब तक न मिलने को लेकर पुलिस अधीक्षक ने सख्त रुख अपनाया है। एसपी ने इन अनसुलझे मामलों की दोबारा जांच के लिए विशेष इन्वेस्टिगेशन टीमों का गठन किया है। इन टीमों में महिला पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष रूप से शामिल किया गया है, ताकि वे पीड़ित परिवारों, सहेलियों और पड़ोसियों से बेहतर संवाद स्थापित कर सकें और संवेदनशील जानकारी जुटा सकें।
टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि पुराने मामलों की फाइलों को फिर से खोलकर लापता महिलाओं के सोशल मीडिया अकाउंट्स, कॉल डिटेल और अंतिम लोकेशन की गहन जांच की जाए। इसके साथ ही पड़ोसी राज्यों के नारी निकेतन, संरक्षण गृहों और अस्पतालों में विशेष सर्च अभियान भी चलाया जाएगा।
गुमशुदा 4 महिलाएं व 2 बच्चे ढूंढे
पुलिस ने हाल ही में कार्रवाई करते हुए चार महिलाओं और दो बच्चों को ढूंढा है। राजौंद क्षेत्र से करीब 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला घर से बिना बताए कहीं चली गई थी, जिसे टोहाना से खोज निकाला गया।
पूंडरी क्षेत्र की 19 वर्षीय युवती, जो 20 अक्तूबर 2023 से लापता थी, उसे करनाल के एक गांव से ढूंढा गया। वह अपने एक परिचित के साथ रह रही थी।
एक अन्य मामले में तितरम थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति की शिकायत पर उसकी पत्नी और तीन वर्षीय पुत्री, जो 18 मार्च को घर से चली गई थीं, को कैथल के एक गांव से खोजा गया। महिला अपने परिचित के साथ रह रही थी।
इसके अलावा सिविल लाइन थाना पुलिस ने गश्त के दौरान कैथल बस अड्डे पर लावारिस हालत में एक महिला और करीब तीन वर्षीय बच्चे को भी सुरक्षित ढूंढ लिया गया।
पांच साल में लापता महिलाओं का आंकड़ा
वर्ष
लापता
बरामद
2021
193
188
2022
233
226
2023
260
253
2024
294
276
2025
356
326
2026
95
61
ग्राउंड जीरो पर काम कर रही टीमें : एसपी
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल केस दर्ज करना नहीं, बल्कि हर लापता महिला और बच्चे को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि विशेष टीमें ग्राउंड जीरो पर सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं और रोजाना एक से दो मामलों में सफलता मिल रही है।