शहर में रेहड़ी लगाने के लिए नहीं मिली जगह, सरकार ने टेंडर किया रद्द
कैथल। मुख्य मार्गों पर लगने वाली रेहड़ियों के अतिक्रमण से निजात दिलाने के लिए जगह निर्धारित करने का टेंडर अब सरकार की ओर से जगह उपलब्ध न कराने के कारण रद्द हो गया है। जिससे अब साफ जाहिर होता फिलहाल शहर के मुख्य मार्गों पर लगी रेहड़ी के अतिक्रमण से निजात नहीं मिल पाएगी। सरकार द्वारा इन रेहडिय़ों को लगाने के लिए अलग से जगह देेने की मंजूरी के बाद अब इस टेंडर को दोबारा तब रिकॉल किया जाएगा।
नप की ओर से लोगों को अतिक्रमण व जाम से निजात दिलाने के उद्देश्य से शहर में जगह-जगह खड़ी होने वाली रेहड़ियों का सर्वे करवाया गया था। जिसके बाद शहर में 1300 रेहड़ियों के लगने की जगह निश्चित की गई थी। जिसके लिए नप ने टेंडर लगाकर अनुमति मांगी थी। लेकिन अब जगह न मिलने से इसके लिए निश्चित स्थान तय नहीं होगा।
रेहड़ी लगाने पर विरोध करने के बाद पार्क रोड पर हुआ था हंगामा : गत तीन जनवरी को पार्क रोड से अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान रेहड़ी संचालकों का नप की टीम के साथ कहासुनी भी हुई थी। जिसमें रेहड़ी संचालकों ने खुद अपना सामान गिराकर और जाम लगाया था।
यहां-यहां लगती है रेहड़ियां : शहर में सबसे अधिक रेहड़ियां छात्रावास रोड पर लगती हैं। यहां हर समय जाम की स्थिति रहती है। इस रोड पर महेश चौक से नरवानियां बिल्डिंग यानि रेलवे रोड तक रेहड़ियां खड़ी होती हैं। इसके अलावा रेहड़ी वालों की पंसद पार्क रोड व पुराना बस अड्डा रोड है। इसके अलावा रेलवे रोड, अंबाला रोड, करनाल रोड बाइपास, नए बस अड्डे के पास, शक्ति नगर, चंदाना गेट, डोगरा गेट, रेलवे पुल के नीचे, अनाज मंडी रोड, न्यू करनाल रोड सहित शहर के सभी मुख्य मार्गों व चौकों पर रेहड़ियां लगती हैं।
वर्जन
नप की ओर से जाम व अतिक्रमण की समस्या से निजात दिलाने के उद्देश्य से टेंडर के माध्यम से सरकार की ओर से जगह मांगी गई थी। लेकिन रेहड़ी संचालकों के लिए जगह न मिलने के कारण सरकार ने इसे अनुमति नहीं दी। जब तक सरकार इसके लिए जगह नहीं देती तब तक यह योजना पूरी नहीं हो सकती। इसके लिए दोबारा से सरकार को पत्र लिखकर जगह लेने का प्रयास किया जाएगा।
मोहन भारद्वाज, मुख्य सफाई निरीक्षक, नप