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सरकार द्वारा मां बनभौरी धाम मंदिर को अपने अधीन करने के विरोध में आया ब्रहाम्ण समाज, बैठक कर जताया रोष

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मां बनभौरी धाम मंदिर को सरकार के अधीन करने के विरोध में उतरा ब्राह्मण समाज
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हिसार के मां बनभौरी धाम मंदिर को सरकार की ओर से अपने अधीन करने के फैसले के विरोध में ब्राह्मण समाज उतर आया है। शनिवार को ब्राह्मण समाज के लोगों ने बैठक कर फैसले का विरोध किया और साथ ही चेतावनी दी कि यदि फैसला वापस नहीं लिया गया तो वे सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। ब्राह्मण कल्याण समिति के सदस्यों ने सरकार के फैसले को मंदिर के श्रद्धालुओं के साथ खिलवाड़ बताया। समिति के जिला प्रधान रामफल सिरटा ने बताया कि मंदिर में आने वाले को सभी सुविधाएं मिलती है। पिछले करीब 300 वर्षों से कौशिक परिवार के पुजारी की कई पीढ़ियां इस मंदिर की सेवा करती आ रही है। लेकिन सरकार अपने फायदे को देखते हुए इसे अपने आधीन करने की बात कह रही है। जिस समय यहां पर कोई सुविधा नहीं थी और यहां केवल अनाज ही मंदिर में चढ़ावे के रूप में चढ़ता था। उस समय सरकार ने इस मंदिर के उद्धार के लिए कोई कदम नहीं उठाया। ब्राह्मण समाज इस फैसले को कभी भी लागू नहीं होने देगा। उन्होंने सरकार को चेतवानी देते हुए कहा कि यदि 15 जनवरी से पहले इस फैसले को वापस नहीं लिया तो प्रदेभर के ब्राह्मण समाज के लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। इस मौके पर समिति के उप प्रधान रमेश बालू, कृष्ण शास्त्री, पवन शास्त्री, सुरेश शर्मा, सुरेद्र शर्मा सिरटा आदि मौजूद रहे।
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