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सर्राफा कारोबार में दी गई छूट से काबारोरियों में

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सर्राफा कारोबार पर छूट से खिले सर्राफों के चेहरे
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। त्यौहारी सीजन के बीच में सर्राफा कारोबार को सरकार ने बड़ी राहत दी है। जीएसटी के लागू होने के बाद से ठप पड़े कारोबार को इससे गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। व्यापारियों के मुताबिक, अब सोना-चांदी खरीदने वाले ग्राहक को दो लाख रुपये तक पैन कार्ड जमा कराना अनिवार्य नहीं रहा है। सरकार ने पहले 50 हजार से अधिक के ग्राहकों के लिए पैन कार्ड अनिवार्य किया था। इसके अलावा सर्राफा बाजार में मौजूद छोटे दुकानदार डेढ़ करोड़ रुपये तक का रिटर्न तीन महीने में भर सकते हैं। सरकार ने जीएसटी लागू करने के साथ ही प्रति महीना रिटर्न भरने का प्रवधान किया था। जिसके कारण दुकानदारों का कंप्यूटर संबंधी काम बहुत बढ़ गया था। दुकानदारों ने कहा कि 50 हजार से अधिक सोना खरीदने वाला ग्राहक पहले दुकान से पैन कार्ड और आधार कार्ड सहित मांगने पर घबरा जाता था। जिसके कारण सर्राफा बाजार में व्यापार पर विपरीत असर पड़ रहा था।
दीपावली व धनतेरस पर होता है शहर में करोड़ों का व्यापार- सर्राफा बाजार में सबसे अधिक दीपावली व धन तेरस पर व्यापार होता है। एक दीपावली से पहले सर्राफा बाजार में दुकानदारों को बड़ी राहत मिली है। छोटे दुकानदारों को भी इसका बड़ा लाभ मिलेगा।
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1. सर्राफा बाजार एसोसिएशन के प्रधान राजेंद्र सर्राफ ने बताया कि हर महीना रिटर्न भरना मुश्किल है। इससे दुकानदार का अधिक समय बर्बाद होता है। तीन महीने में डेढ़ करोड़ तक के कारोबार का रिटर्न भरने का फैसला सही है। जिस दुकानदार का डेढ करोड़ से अधिक का कारोबार है वह कंप्यूटर के लिए एक व्यक्ति नियुक्त कर सकता है। ग्राहकों को बहुत बड़ा फायदा हुआ है कि 50 हजार रुपये तक जो पैन कार्ड देना था अब दो लाख रुपये पर देना होगा।
2. अरूण आभूषण भंडार के संचालक अरूण सर्राफ ने बताया कि सर्राफा कारोबार को मनी लॉड्रिंग की श्रेणी से हटाना सर्राफा कारोबारियों के लिए गिफ्ट है। अब ग्राहक को दो तोले सोना और शादी के लिए सोना लेने के लिए पैन कार्ड लेकर नहीं आना होगा। खुले मन से आकर शॉपिंग कर सकता है।
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3. शहर वासी अशोक कुमार सैनी ने बताया कि शादी और त्यौहार के लिए अगर सोने-चांदी के जेवरात बनाने हैं तो पहले डर था कि 50 हजार के रुपये के बाद पैन कार्ड दिखाना होगा। जिससे टैक्स का डर बना रहता था। लेकिन अब दो लाख रुपये तक पैन कार्ड न दिखाने की सीमा करना एक सहरानीय कदम है। यह मिडिल क्लास के लोगों को बड़ी राहत है।
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