मंदिर से फर्जी आईपीएस को पुलिस ने किया गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पुलिस ने एक मंदिर में लोगों पर रौब झाड़ते हुए खुद को करनाल का एसपी बताने पर एक फर्जी आईपीएस को काबू किया है। उससे पूछताछ जारी है। इस व्यक्ति के पास से पुलिस को फर्जी पुलिस की बेल्ट, फर्जी करनाल पुलिस की मोहर लगा हुआ पहचान पत्र व फर्जी आईपीएस बैज बरामद किया है।
एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति माता गेट स्थित माता शीतला मंदिर पहुंचा। जहां उसने खुद को आईपीएस बताते हुए लोगों को बिना लाइन में लगे दर्शन करने की बात कही। उसने खुद को करनाल का एसपी बताया। हंगामा होने पर लोगों ने पुलिस को सूचित कर दिया। सूचना मिलते ही थाना शहर प्रभारी अशोक कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने उससे पूछताछ की और बाद में हिरासत में ले लिया। पूछताछ उपरांत पुलिस ने उसके पास से आईपीएस का फर्जी पहचान पत्र, आईपीएस के फर्जी बैज और राष्ट्रीय चिन्ह का प्रतीक एक चिन्ह, वर्दी बरामद की है। पहचान पत्र पर करनाल पुलिस की मोहर मिली है।
थाना शहर प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि उनके पास माता गेट से एक फोन आया। बताया गया कि एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति खुद को एसपी बताकर यहां दर्शन करने की बात कह रहा है। यहां पहुंच कर पाया कि एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति कुर्ता पायजामा पहने हुए है और स्वयं को आईपीएस बता रहा था। बाद में तो उसने करनाल का एसपी होने की बात भी स्वीकारी। उसे हिरासत में लेकर थाने लाया गया। तलाशी लेने पर उससे एसपी की यूनिफार्म और प्रयोग होने वाले सारा सामान बरामद हुआ है।
थाना शहर प्रभारी ने बताया कि उसके पहचान पत्र पर पंजाब के जिला गुरदासपुर के गांव घनिया बांगड़ निवासी महिंद्र पाल नाम दर्ज मिला। उसके द्वारा बताए गए गांव के एक नंबर पर फोन करके पता चला कि वह उसी गांव का रहने वाला महिंद्र पाल है। फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने बताया कि वह उसका पड़ोसी है। इसके परिवार में कोई और नहीं है। यह अकेला रहता है। इसकी पहले भी इस तरह की शिकायतें मिलती रही हैं। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है।