आदर्श गांव का दर्जा मिला, सुविधाओं का टोटा
अमर उजाला ब्यूरो
सीवन। सीवन को आदर्श गांव का दर्जा मिलने के बाद भी यहां मूलभूत सुविधाओं का भारी टोटा है। जो इसके आदर्श गांव के होने पर प्रश्न चिन्ह लगाते हैं। गांव में बस स्टैंड का न होने के कारण ग्रामीणों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। गांव की आबादी लगभग 40 हजार के करीब है। ब्लाक सीवन में लगभग 46 गांव आते है। इन 46 गांवों के लोगों को भी सीवन में ब्लाक होने के कारण यहां किसी ना किसी कार्य के लिए खंड कार्यालय स्तर पर विभिन्न कार्यों के लिए आना ही पड़ता है। यहां से प्रतिदिन उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए हजारों की संख्या में विद्यार्थी कैथल व चीका सहित अन्य शहरों में जाते हैं। प्रतिदिन यहां से काफी संख्या में यात्रियों को अन्य शहरों में जाना पड़ता है। प्रशांत आनंद, भीषू चौधरी, राज कुमार वधवा, नरेश मित्तल व प्रतिदिन जाने-आने वाले यात्रियों व विद्यार्थियों ने सरकार व परिवहन विभाग से मांग की है कि यहां पर जल्द से जल्द बस स्टैंड का निर्माण करवाया जाए ताकि यात्रियों को कोई परेशानी ना हो।