डीजे बंद करवाने गई पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला, एएसआई व ड्राइवर गंभीर रूप से घायल, चीका थाना प्रभारी बचे
गुहला-चीका। मंगलवार की रात वार्ड नंबर सात नहर के किनारे बने एक मकान में बज रहे डीजे को बंद करवाने गई पुलिस पार्टी पर लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में एएसआई अजमेर सिंह, ईएसआई रमेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, वहीं चीका थाना प्रभारी उमेद सिंह बाल बाल बचे हैं। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर लिया है।
चीका थाना प्रभारी उमेद सिंह ने बताया कि वार्ड नंबर सात नहर की पटरी पर बने राधा नामक महिला के मकान में देर रात तक ऊंची आवाज में डीजे बजाया जा रहा था। आसपास के लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस को की थी, जिसके बाद वहां पर पुलिस कर्मचारी भेज डीजे को बंद करने को कहा जिसके बाद इन लोगों ने कुछ समय के लिए डीजे बंद कर दिया लेकिन थोड़ी देर बाद फिर से तेज आवाज में डीजे बजाना शुरू कर दिया। एसएचओ ने बताया कि रात लगभग साढ़े बारह बजे वे स्वयं गश्त पर थे तो उन्हें फिर से किसी ने फोन पर डीजे बजाए जाने की शिकायत दी। एसएचओ ने बताया कि वे स्यं मौके पर गए और राधा नामक महिला को समझाया कि रात बहुत हो गई है, लोग सो रहे। दूसरी तरफ बच्चों के सालाना इम्तहान चल रहे हैं आप डीजे बंद कर दें। एसएचओ के समझाने पर महिला राधा व वहां पर मौजूद दूसरे लोग भडक़ गए और पुलिस पर ही हमला बोल दिया। डीजे पर नाच रहे कुछ लोग घर की छत पर चढ़ गए और ईंटें बरसाने लगे। भीड़ में से किसी ने एक रोड़ा उछाला जो एएसआई अजमेर सिंह के कंधे पर लगा और वे घायल हो गए। इसी दौरान किसी ने एसआई रमेश कुमार पर तेजधार हथियार से वार किया जिससे उनके दाएं हाथ पर गहरी चोट आई। इसी दौरान किसी अन्य व्यक्ति ने चीका थाना प्रभारी उमेद सिंह पर भाला फेंका लेकिन वे फूर्ती दिखाते हुए भाले के बार से बच गए। इसके बाद एसएचओ ने अन्य पुलिस कर्मी बुलाए और हमला करने वाले पांच पुरुष व चार महिलाओं को काबू कर थाना लाया गया। हमले के दौरान घर की मालकिन राधा नामक महिला अंधेरा का फायदा उठा फरार हो गई। पुलिस ने वहां पर बजाए जा रहे डीजे को भी अपने कब्जे में ले लिया और उसे भी थाना में ले आए। पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला करने के आरोप में चीका थाना प्रभारी उमेद सिंह की शिकायत पर चीका थाना में महिला राधा, प्रमोद यादव, संजीव, मांगे राम, जसविंद्र, बलदेव, नीतू, बलबीरो, पूजी व गुरमीत के खिलाफ मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को कैथल ड्यूटी मैजिस्टे्रट के सामने पेश किया गया जहां से उन्हें चौदह दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।