अमर उजाला ब्यरो
कैथल। साहित्य सभा की नववर्ष की प्रथम गोष्ठी का आयोजन प्रो. अमृतलाल मदान की अध्यक्षता में जवाहर पार्क में स्थित सेवा संघ परिसर में हुआ। इस अवसर पर सेवा संघ के संस्थापक सदस्य एवं वर्तमान महासचिव शिवशंकर पाहवा ने मुख्यातिथि तथा समाजसेवी और अधिवक्ता एडवोकेट पुनीत चौधरी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया। मंच संचालन हरियाणवीं कवि रिसाल जांगड़ा ने किया। गोष्ठी का आरंभ दो बाल रचनाकारों युवराज और गौरी दीक्षिता की कवितओं से हुआ। रविंद्र रवि ने कहा भले ही गमजदा हूं मैं, मगर लाचार थोड़ी हूं। तुम्हारा आईना हूं मैं, तुम्हारा यार थोड़ी हूं। मुझे तुम फेंक दो बेशक, हजारों टुकड़े कर दो तुम, हमेशा सच ही बोलूगां, मैं अखबार थोड़े हूं मैं। पत्नी को समर्पित रामफल गौड़ के भाव देखिये 18 घंटे काम करै सै, एक मिनट ना रह खाली। घर की जान बसै तेरे में, जय हो तेरी घर वाली। टच फोन को लेकर सतबीर जागलान ने कहा टच आला फोन जद तै आया। रिश्ता तै कोई टच न कर पाया। टच तै रिश्ते निभाण लगे सै। टच पै बिजी आण लगै सै। नव वर्ष पर शुभकामनाएं देते हुए ईश्वर चंद गर्ग ने कहा नए साल में मेरे मौला, कुछ ऐसा करदे, देश के गदारों के दिल में, देशभक्ति भर दे। तकदीर को लेकर स्वामी टीसी अग्रवाल करनाल ने कहा तकदीर के खेल से कभी नाराज नहीं होते। जिंदगी में कभी उदास नहीं होते। हाथों की लकीरों पे यकीन मत करना, तकदीर उनकी भी होती है, जिनके हाथ नहीं होते । डा. तेजिंद्र की व्यग्य क्षणिका देखिए वे भी काम करते हैं। हम भी काम करते हैं। वे पेन लेकर, हम पेनकिलर लेकर। नए वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कर्मचंद केसर ने कहा मुबारक हो नवा साल मतिरो। थम सारे खुशहाल मितरो। सरोज जोशी, शिव शंकर पाहवा, रिसाल जांगड़ा, डा. हरीशचंद झंडई, कमलेश शर्मा, श्याम सुंदर गौड़, दिलबाग सिंह बाग, प्राचार्य शमशेर सिंह कैंदल, हकीम चतुर्भुज बंसल सौथा, प्रीतम लाल वर्मा, स्वामी कृष्णानंद सरस्वती ने भी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
मुझे तुम फेंक दो बेशक, हजारों टुकड़े कर दो तुम, हमेशा सच ही बोलूंगा...
साहित्य सभा की गोष्ठी में प्रस्तुत की साहित्यकारों ने रचनाएं
टच आला फोन जद तै आया.रिश्तयां न कोई टच नी कर पाया..
फोटो संख्या-25