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शहर में रखे शौचालयों को संभालो सरकार, नहीं तो घट जाएंगे स्वच्छता सर्वेक्षण में हमारे शहर के अंक

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शहर में रखे शौचालयों को संभालो सरकार, नहीं तो घट जाएंगे स्वच्छता सर्वेक्षण में हमारे शहर के अंक
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शहर को स्वच्छ बनाने के लि ए विभिन्न चौक-चौराहों पर रखे गए रेडीमेड शौचालय स्वच्छता की बजाए अस्वच्छता फैलाते हुए दिख रहे हैं। इनके रखरखाव के लिए कोई व्यवस्था ना होने के कारण जहां काफी जगहों पर ये बंद पड़े हैं, जहां खुले हैं, वहां हालत खराब हो चली है। इन्हें रखे हुए कई माह हो चुके हैं। नगर परिषद अभी तक इसके रखरखाव के लिए केवल अभी तक टेंडर निकालने की प्रक्रिया की बात कर रही है।
अमर उजाला द्वारा शुक्रवार को शहर में विभिन्न स्थानों पर स्थित सार्वजनिक शौचालयों की हालत व इसकी सुविधाओं के बारे में जांच की गई तो अधिकतर जगहों पर इनकी हालत काफी खस्ता मिली। अधिकतर शौचालय बंद मिले और जो खुले मिले उनमें पानी ही नहीं था और गंदगी का आलम था।
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शहर में 40 लाख की लागत रखे गए हैं 60 शौचालय : नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार शहर में परिषद की ओर से करीब 40 लाख रुपये की लागत से 60 सार्वजनिक शौचालयों को बनाया गया। इन शौचालयों को प्रमुख मार्गों और कॉलोनियों में स्थापित किए गए। बता दें कि फिलहाल इन शौचालयों की देख रेख व सफाई की व्यवस्था सीएसआई ब्रांच देख रही है। लेकिन जिस प्रकार से शौचालयों की हालत है। उसे देखकर यह बिल्कुल भी नहीं लगता कि यहां पर सफाई होती है।

टूटियां टूटी, पानी भी नहीं : करनाल रोड पर जाट खेल मैदान के मेन गेट के पास स्थित सार्वजनिक शौचालयों की हालत काफी खस्ता मिली। यहां पर पानी ही नहीं था। इसके साथ-साथ ही यहां पर गंदगी का आलम था। यहां पर सफाई ही नहीं थी। इसके बाद इसी रोड पर स्थित फाटक के पस बालाजी कॉलोनी में स्थित शौचालय भी बदहाल मिला। यहां पर लगी टूटियां टूट चुकी है और पानी नहीं है।

बस स्टैंड पर नहीं, हुड्डा सेक्टर में टूटे मिले शौचालय : बस स्टैंड के आसपास स्थित बाजार के पास एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं मिला। सेक्टर 19 में बने सार्वजनिक शौचालय टूट चुके है। यहां के पार्षद प्रतिनधि भीम अग्रवाल ने बताया कि सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच मुक्त करने के बड़े बड़े दावे करती है। लेकिन टूटे हुए शौचालयों की बार बार शिकायत करने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसके साथ ही सेक्टर 19 के टाऊन पार्क में स्थित एकमात्र शौचालय पर ताला लटका हुआ मिला। ढांड रोड पर लाला चरण दास शोरेवाला मार्ग पर व विश्वकर्मा चौक पर स्थित शौचालयों में ताला लटका है। यहां पर पानी का कनेक्शन तो दूर टंकी भी नहीं है।
खुराना रोड पर स्थित सार्वजनिक शौचालयों में भी गंदगी का आलम है। इसी रोड पर स्थित नानकपुरी कॉलोनी के शहीद उद्यम सिंह पार्क में स्थापित किए शौचालयों में पानी हीं नही है। पार्षद प्रतिनिधि संजय गर्ग ने बताया कि परिषद द्वारा यहां पर सार्वजनिक शौचालयों को स्थापित करने का उद्देश्य पार्क के लोगों को इसकी सुविधा देना था। लेकिन यह शौचालय केवल एक दिखावा बनकर रह गए है। पुराना अस्पताल रोड पर स्थित शौचालय में सफाई नहीं है। शौचालयों में लगी टाइलें भी टूट चुकी है।

बाजार में भी स्थापित हो शौचालय : दुकानदार सचिन ने बताया कि बाजार में परिषद की ओर से एक भी सार्वजनिक शौचालयों को स्थापित नहीं किया गया है। जिससे दुकानदारों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। परिषद को चाहिए कि वह बाजार में सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण करवाए।

खामियों को करेगी जल्द दूर
परिषद की ओर से किए स्थापित शौचालयों के रखरखाव के लिए परिषद ने टेंडर निकालने की प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद से निजी कंपनियां इसका रखरखाव करेगी। जिस भी शौचालयों में कोई कमी है उसे जल्द ही दूर किया जाएगा।
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विक्रम सिंह, ईओ, नगर परिषद कैथल।

शहर में स्वच्छता रैंकिंग में मिल सकते हैं अच्छे अंक : यदि इन शौचालयों को अच्छे ढंग से चालू हालत में कर दिया जाए और रखरखाव की उचित व्यवस्था हो तो जनवरी में होने वाले स्वच्छता सर्वे में काफी अच्छे अंक शहर को मिल सकते हैं।

बिना रखवाली बेकार हो जाएंगे लाखों रुपये....शहर में अलग-अलग जगह रखे शौचालयों की हालत खस्ता
देखभाल की नहीं है कोई व्यवस्था, काफी संख्या में पड़े हैं बंद,
जो खुले हैं, वे हो चुके हैं बदहाल, स्वच्छता सर्वेक्षण से पूर्व शौचालयों की खस्ताहाल पर ग्राउंड रिपोर्ट
फोटो नंबर-5 से 10
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