मुख्यमंत्री ने सीए मार्केटिंग बोर्ड से मांगी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नई अनाज मंडी में एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह द्वारा किए गए निरीक्षण के बाद उजागर हुई खामियों के अलावा एक ओर बड़ा खुलासा हुआ है कि यहां फर्जी तरीके से धान की खरीद-फरोख्त हो रही है। मंडी में हर रोज मार्केट कमेटी फीस की चोरी की जा रही है। जिससे सरकार को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। एक क्विंटल धान पर करीब 125 रुपये का सरकार को टैक्स का नुकसान हो रहा है। जबकि कुछ अधिकारी मिलीभगत करके 7 से लेकर 12 रुपये प्रति क्विंटल तक की राशि हड़प कर गंगा स्नान में लगे हुए हैं। यह जानकारी किसी और ने नहीं बल्कि मार्केट कमेटी चेयरमैन राजपाल तंवर ने की दी है। मुख्यमंत्री को शिकायत देने के बाद सीएम ने मार्केटिंग बोर्ड के सीए से रिपोर्ट मांगी है। दूसरी ओर एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने मामले की रिपोर्ट सीए मार्केटिंग बोर्ड को भेज दी है।
मार्केट कमेटी के चेयरमैन ने बताया कि अनाज मंडी में हर रोज फर्जी गेट पास काटकर सरकार को लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा है। मंडी में से कच्चे गेट पास के माध्यम से बिना टैक्स दिए धान निकाली जा रही है। जिससे 4 प्रतिशत मार्केट फीस की चोरी हो रही है। महज 7 से 8 रुपये की रिश्वत राशि लेकर प्रति क्विंटल 125 रुपये से भी अधिक का नुकसान कुछ अधिकारी व कर्मचारी सरकार को कर रहे हैं। उन्होंने इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को दी है। जिस पर सीएम ने मार्केेटिंग बोर्ड के सीए से जानकारी मांगी है।
दूसरी ओर एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने अपने निरीक्षण में मिली बड़ी खामी, भूसे का टेंडर ना करने की जानकारी मार्केटिंग बोर्ड के सीए को भेज कर देरी के लिए दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है। एडीसी ने निरीक्षण में पाया था कि 30 सितंबर के बाद से मंडी से भूसे के उठान के टेंडर को रिन्यू नहीं किया गया है। पहले वाले ठेकेदार द्वारा ही भूसा उठाए जाने की सूचनाएं हैं। जबकि अक्टूबर व नवंबर माह में धान का सीजन जोरों पर है। सीजन में ही यह ठेका 16 लाख रुपये में छूटा था। इस तरह से इन दो माह में भूसे का टेंडर ना करके सरकार को लाखों रुपये का चूना लगाया जा चुका है। इसके अलावा 27 अक्टूबर के निरीक्षण में एडीसी ने जिन कर्मचारियों को चारा व लकड़ी मंडी से हटाकर दूसरी जगह लगाने का आदेश दिया था। अब निरीक्षण में फिर से वे कर्मचारी उसी सीट में काम करते हुए पाए गए। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर उन्हीं कर्मचारियों को वहां काम क्यों दिया गया है। जबकि कई तो ऐसे हैं, वे यह काम कर ही नहीं सकते।
एडीसी कैप्टन शक्त सिंह ने बताया कि उन्होंने भूसे का टेंडर ना करने की गंभीर लापरवाही व एक ही कर्मचारी को बार-बार चारा व लकड़ी मंडी में नियुक्त करने जैसी गंभीर खामियां मिली हैं। उन्होंने सीए मार्केटिंग बोर्ड को ई-मेल से पूरे मामले की जानकारी देकर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है।
वहीं मार्केट कमेटी सचिव अजय श्योराण ने कहा कि भूसे का ठेका समय पर छोड़ दिया गया है। यह विभागीय स्तर पर लंबित है। बोर्ड में ही ठेका ना छूटने का काम लंबित है। अनाज मंडी में धान की खरीद नियमानुसार हो रही है। धान की खरीद में कोई गड़बड़ी नहीं है। उनकी जानकारी में यह नहीं है। कर्मचारियों के एक ही जगह तैनाती करने का आरोप सही नहीं है। यह सामान्य प्रक्रिया है। इसी के तहत हर पंद्रह दिन महीने में ड्यूटी बदल दी जाती है। यदि एक कर्मचारी लंबे समय तक एक जगह काम करे तो उस पर भी आरोप लगा दिए जाते हैं। इसीलिए बदली की गई।
- अनाज मंडी में फर्जी तरीके से हो रही है धान की खरीद-फरोख्त
चेयरमैन मार्केट कमेटी कैथल ने दी सीएम को जानकारी
भूसा उठाने उठाने में गड़बड़ी व कर्मचारियों की ड्यूटी में लापरवाही का मामला भी पहुंचा विभाग मुख्यालय
एडीसी ने मार्केटिंग बोर्ड के प्रशासन को लिखा कार्रवाई की सिफारिश के लिए पत्र
कहा-सीजन के समय में दोबारा से ठेका ना छोडना गंभीर लापरवाही, दोषी अधिकारियों के खिलाफ की जाए कार्रवाई
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