संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। खुद को अमेरिका में रहने वाला दोस्त बताकर एक ठग ने कैथल के एक युवक से 12 लाख 25 हजार रुपये हड़प लिए। अलग-अलग बहाने बनाकर युवक से और रुपये की मांग की गई, तो उसने अपने असली दोस्त को कॉल किया। कॉल के बाद धोखाधड़ी का मामला सामने आया। शिकायतकर्ता ने साइबर थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई है।
गांव मूंदड़ी निवासी संजीव ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करता है। उसका असली दोस्त, गांव फरल निवासी प्रदीप राणा, 2-3 साल से अमेरिका में है। कुछ दिन पहले संजीव को फेसबुक पर प्रदीप कुमार के नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई, जिस पर प्रदीप की ही फोटो लगी थी। संजीव ने रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली।
प्रारंभ में फ्रेंड ने घर-परिवार की बातें की और हालचाल पूछा। इसके बाद कहा कि वह अगले महीने इंडिया आएगा और अगर कुछ मंगवाना है तो बता दें। कुछ दिनों बाद उसने कहा कि वह पैसे भेज रहा है और पूछा कि क्या संजीव उसके पैसे रख लेगा।
अज्ञात बनकर किया फोन ः अगले दिन एजेंट ने फोन कर बताया कि प्रदीप को इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने पकड़ लिया है और इसके लिए पांच लाख रुपये और भेजने हैं। जब लगातार रुपए मांगने लगे, संजीव ने वास्तविक प्रदीप को कॉल किया। वास्तविक प्रदीप ने बताया कि उसने कोई रुपये नहीं भेजे हैं।
साइबर थाने में दर्ज शिकायत में संजीव ने बताया कि अज्ञात आरोपियों ने कुल 12,25,000 रुपये की धोखाधड़ी की। साइबर थाने के एसएचओ सुभ्रांशु ने कहा कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
व्हाट्सएप नंबर के माध्यम से की धोखाधड़ी
व्हाट्सएप नंबर के माध्यम से साइबर ठग ने झांसा देकर यह ठगी की। सहमति मिलने के बाद संजीव से आधार कार्ड की फोटो मांगी गई और बताया गया कि पेमेंट वेस्टर्न यूनियन से भेजी जाएगी। थोड़ी देर बाद वेस्टर्न यूनियन की 10,30,800 रुपए की स्लिप भेज दी गई। उसे कहा गया कि बैंक की तरफ से फोन आएगा और सर्वर डाउन होने के कारण राशि अगले दिन आएगी। साथ ही उसे 2,55,000 रुपए एजेंट को देने के लिए कहा गया। संजीव ने दिए गए खाते में रुपये ट्रांसफर कर दिए। थोड़ी देर बाद उसी एजेंट ने 4,70,000 रुपये और भेजने के लिए कहा, जो उसने भेज दिए।