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प्रश्न-पत्र कम, सिलेबस अनुसार नहीं मिले प्रश्न

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प्रश्न-पत्र कम, सिलेबस अनुसार नहीं मिले प्रश्न
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिले के स्कूलों में सोमवार को मासिक परीक्षाएं शुरू हुईं। जिसमें कई स्कूलों में प्रश्न-पत्र कम मिले। जिसके कारण स्कूलों मुखियाओं को प्रश्न-पत्र की फोटो स्टेट करवाकर देनी पड़ी। जो प्रश्न-पत्र मिले, उनमें सिलेबस के अनुसार प्रश्न नहीं थे। इस बार नकल रोकने के लिए विभाग ने विशेष 10 उड़नदस्तों का गठन किया है। यह बात अलग रही कि शहर में बड़े स्कूलों में किसी भी उड़नदस्ते के पहुंचने की जानकारी नहीं मिली।

प्रश्न-पत्र आते हैं कम, फोटो स्टेट से चलाना पड़ता है काम : कई स्कूलों में प्रश्न-पत्र कम आ रहे हैं। जिसके कारण अध्यापकों को फोटो स्टेट से काम चलाना पड़ता है। राजकीय कन्या स्कूल में अर्थशास्त्र की छात्राओं के लिए करीब छह प्रश्न-पत्र कम मिले। जिसके कारण उनको फोटो स्टेट करवाकर प्रश्न-पत्र देना पड़ा।
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कक्षा नौवीं के सामाजिक विज्ञान के परीक्षा में एक प्रश्न पिछले सिलेबस का ओर एक प्रश्न अगले महीने आने वाले सिलेबस से आया हुआ था। जिसके कारण विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। विद्यार्थी मनोज, अशोक, सतीश ने बताया कि सामाजिक के परीक्षा में एक प्रश्न पिछले सिलेबस से लिया हुआ है और एक प्रश्न अगले महीने आने वाले सिलेबस से लिया गया है। ऐसे में जो सिलेबस किया ही नहीं है उसे विद्यार्थी कैसे हल कर सकता है।
कई अध्यापकों ने बताया कि एनसीईआरटी द्वारा सिलेबस तैयार किया जाता है। जबकि प्रश्न-पत्र हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा बनाए जाते हैं। दोनों में आपसी तालमेल ना होने के कारण बच्चे व अध्यापक परेशान हैं।
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जिला शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही ने बताया कि प्रश्न-पत्र में पिछले सिलेबस से प्रश्न आ सकता है। लेकिन अगले सिलेबस से आना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में जितनी भी संख्या दी गई है, उसी के अनुसार प्रश्न-पत्र दिए गए हैं। अगर प्रश्न-पत्र कम आते हैं तो विभाग ने एक बफ्र स्टॉक बनाया हुआ है। जिसमें 50 प्रश्न-पत्र अधिक मिलते है। उसकी मदद ली जा सकती है।


- अव्यवस्थाओं के बीच गुजरा जिले के स्कूलों में मासिक परीक्षा का पहला दिन
- परीक्षार्थियों को करना पड़ा परेशानी का सामना
फोटो नंबर- 22, 23
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