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देर से पहुंची बायोमैट्रिक मशीन, ट्रायल ट्रैक से कुतों को हटाते रहे कर्मचारी

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देर से पहुंची बायोमैट्रिक मशीन, ट्रायल ट्रैक से कुत्तों को हटाते रहे कर्मचारी
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा ड्राइवरों की भर्ती के तहत ड्राइविंग टेस्ट सोमवार को नए बस अड्डे पर शुरू हो गए। जिसमें उम्मीदवारों ने डग टेस्ट के अलावा संख्या 8 के आकार में बनाई गई आकृति में बस को आगे ले जाते हुए पीछे करते हुए चलवाकर देखा गया। भर्ती प्रक्रिया के पहले ही दिन बायोमैट्रिक मशीन के देरी से पहुंचने के कारण दो घंटे से भी ज्यादा समय तक अधिकारी व उम्मीदवार का इंतजार करते रहे। भर्ती प्रक्रिया को देखने के लिए दिन भर बस अड्डे पर लोगों की भीड़ उमड़ी रहीं।

एडीसी की अगुवाई में शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया : सोमवार को एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह की अगुवाई में ड्राइवरों के टेस्ट शुरू हुए। लेकिन बायोमैट्रिक मशीन के ना होने के कारण करीब दो घंटे तक अधिकारी इंतजार करते रहे। उम्मीदवारों की हाजिरी बायोमैट्रिक मशीन में लगाई जानी जरूरी थी। लंबे इंतजार के बाद मशीन पहुंची तो ड्राइवरों के टेस्ट शुरू हो पाए। इस दौरान बोर्ड के सदस्य अमरनाथ सौदा, जीएम रामकुमार, वर्क मैनेजर गुरदयाल सहित ड्राइवर विमल की मौजूदगी में भर्ती शुरू हुई। भर्ती प्रक्रिया सुबह 10 बजे शुरू होने की बजाए 11.45 पर शुरू हो पाई। जब बायोमैट्रिक मशीन लाई गई तो उसे चलाने में भी काफी देर लगी।
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ट्रायल ट्रैक पर कुत्तों को हटाते रहे कर्मचारी : जिस समय विभाग की ओर से भर्ती प्रक्रिया को शुरू किया गया तो अधिकतर कर्मचारी ट्रायल ट्रैक पर व्यवस्था बनाने में लगे रहे। इस दौरान ट्रैक पर कुत्ते दौड़ते रहे। जिससे कर्मचारी हटाते नजर आए।
वीडियोग्राफी व सीसीटीवी की निगरानी में हुआ ट्रायल : ड्राइवरों की भर्ती के दौरान ट्रायल प्रक्रिया पर विभाग की ओर से सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। जिसमें टेस्ट के दौरान नौ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। साथ ही पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करवाई गई।

पांच चरणों में किया जाएगा चयन : भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को रोडवेज विभाग में ड्राइवर की नौकरी पाने के लिए पांच चरणों को पार करना पड़ेगा। इस पांच चरणों में दस दिनों तक चलने वाली भर्ती प्रक्रिया के तहत प्रतिदिन 60 अभ्यर्थियों का ट्रायल लिया जाएगा। जिसके तहत उन्हें सबसे पहले डक (बस को बैक करते हुए धोने के स्टैंड पर खड़ा करना) टेस्ट को पास करना होगा। यदि उनके द्वारा डक टेस्ट को पास कर लिया जाता है तो 8 की संख्या में बनाई गई आकृति में बस चलानी होगी। साथ ही इसी 8 की आकृति में बस को बैक चलाते हुए पार करना होगा।
पहले चरण में 60 में 19 ने किया ट्रायल पास : ट्रायल के पहले दिन कुल 60 अभ्यर्थियों में से 19 ही डक टेस्ट को पास किया। इसके बाद कुल 5 अभ्यर्थियों ने ऐट रिवर्स, ऐट फारवर्ड व एस ट्रायल लिया गया।
टक्निकल समस्या से हुई देरी:-

भर्ती प्रक्रिया के दौरान हुए ट्रायल में देरी टक्निकल समस्या के कारण हुई है। लेकिन कुछ ही देर बाद इस समस्या को दूर करके ट्रायल प्रक्रिया को शुरू कर लिया गया है।
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रामकुमार, जीएम रोडवेज, कैथल डिपो।

रोडवेज विभाग में ड्राईवरों की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से शुरू की गई है। जो उम्मीदवार टेस्ट पास करेगा, वही आगे की भर्ती प्रक्रिया में शामिल रहेगा।
कैप्टन शक्ति सिह, एडीसी कैथल।



ड्राइवरों की भर्ती के तहत लिया जाने वाला ड्राइविंग टेस्ट पहले ही दिन दो घंटे देर से हुई शुरू
भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष एडीसी सहित कई आला अधिकारी व टेस्ट देने के लिए पहुंचे ड्राइवर करते रहे इंतजार
फोटो नंबर-1 से 6
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