संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत नगर पालिका क्षेत्र में करोड़ों रुपये के बजट के बावजूद विकास कार्यों में पारदर्शिता और गति न होने को लेकर भाजपा समर्थित करीब 12 पार्षदों ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पार्षदों का कहना है कि न केवल टेंडर प्रक्रिया में ढिलाई बरती जा रही है, बल्कि पहले से स्वीकृत कार्य भी महीनों से अधूरे पड़े हैं, जिससे आमजन को भारी परेशानी हो रही है।
पार्षदों ने बताया कि वार्डों में निर्माण सामग्री और मलबा जगह-जगह बिखरा पड़ा है, जिससे न केवल शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है, बल्कि बाढ़ जैसी स्थिति की आशंका भी गहरा रही है। जल निकासी के रास्ते अवरुद्ध हैं, जिससे सरकारी योजनाएं और दावे दम तोड़ते नजर आ रहे हैं।
पार्षद रेणु धानियां, उषा रानी, निशा राणा, प्रीत जगदेव, प्रदीप राणा, महीपाल पंवार, संजय सिंगला, विनोद जेष्ठ और रवींद्र निर्मल द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पार्षदों ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक स्थलों से लेकर धार्मिक और आवासीय क्षेत्रों तक जारी कार्यों की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है। फकीर पीर कॉलोनी (वार्ड-1) समेत कई इलाकों में अधूरी गलियों के चलते स्कूली बच्चे कीचड़ और मलबे के बीच जोखिम उठाकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। पार्षदों ने निर्माण कार्यों में रोड़ा लेयर की गहराई और टोह वाल की ऊंचाई को लेकर तकनीकी अनियमितताओं की भी बात कही है। उनका कहना है कि मेजरमेंट बुक में दर्ज विवरण धरातल पर मेल नहीं खा रहा, जिससे गुणवत्ता और पारदर्शिता दोनों पर सवाल उठ रहे हैं।
पालिका अभियंता राजेश प्रजापति ने बताया कि सरकार द्वारा जारी बजट के तहत कार्यों को गति दी जा रही है। नियमों की अवहेलना करने वाली दो एजेंसियों को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर कार्य स्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करवाई जा रही है ताकि पारदर्शिता बनी रहे। जो एजेंसियां तय मापदंडों का पालन नहीं करेंगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि वह स्वयं वार्ड-1 सहित विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे कार्यों और नगर पालिका कार्यालय में ब्लॉक लगाने की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।