संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नागरिक अस्पताल में अब गंभीर रूप से बीमार मरीजों के इलाज के लिए इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) की सुविधा शुरू कर दी गई है। इस नई स्वास्थ्य सुविधा के शुरू होने से जिले के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि अब गंभीर हालत में मरीजों को इलाज के लिए रोहतक, चंडीगढ़ या निजी अस्पतालों में रेफर नहीं किया जाएगा। अब आवश्यक उपचार सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी।
पीएमओ डॉ. दिनेश कंसल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि नागरिक अस्पताल में 12 बेड का अत्याधुनिक आईसीयू शुरू किया गया है। आईसीयू शुरू होने के बाद से 31 जनवरी तक कुल 175 मरीजों को भर्ती किया जा चुका है, जिनमें से 14 मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। उन्होंने बताया कि पहले गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बाहर भेजना पड़ता था, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
डॉ. कंसल ने बताया कि अब आयुष्मान भारत योजना कार्ड के तहत मरीजों को आईसीयू की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को भी उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल रहा है और गरीब व जरूरतमंद मरीजों को निजी अस्पतालों के भारी खर्च से राहत मिली है।
आधुनिक उपकरणों से लैस आईसीयू : आईसीयू में जानलेवा स्थितियों से जूझ रहे मरीजों को विशेष निगरानी और गहन चिकित्सा देखभाल दी जा रही है। मरीजों की हृदय गति, ऑक्सीजन स्तर, ब्लड प्रेशर और सांस लेने की दर पर लगातार नजर रखने के लिए आधुनिक मॉनिटरिंग उपकरण लगाए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत उपचार किया जा सके। यहां मैकेनिकल वेंटिलेशन के जरिए सांस लेने में सहायता, डायलिसिस की सुविधा और गंभीर रोगों के इलाज के लिए आवश्यक क्रिटिकल दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ये दवाएं मरीजों को इंट्रावेनस लाइन के माध्यम से दी जाती हैं, आईसीयू में नर्स और मरीजों का अनुपात सामान्य वार्ड की तुलना में काफी कम रखा गया है। आमतौर पर हर एक या दो मरीजों पर एक प्रशिक्षित नर्स तैनात की गई है, ताकि मरीजों को चौबीसों घंटे निगरानी और त्वरित चिकित्सा सहायता मिल सके।