मुख्यमंत्री के आगमन पर नेशनल हाईवे पर एकत्रित हुए जाट समाज के लोग
नेशनल हाईवे 65 से सीएम के गुजरने की सूचना पर एकत्रित हुए जाट
दौरा रद्द होने पर धरना किया समाप्त
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने तितरम मोड़ पर दिया धरना
फोटो नंबर-11 व 12
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। चंडीगढ़ से हिसार एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के काफिले के कैथल से गुजरने की सूचना पर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति सदस्य भारी संख्या में नेशनल हाईवे पर तितरम मोड़ पर एकत्रित हो गए। करीब 4 घंटे तक यहां लोग एकत्रित रहे और काले झंडे लेकर सीएम के काफिले का इंतजार करते रहे। उधर, पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट मोड़ पर रहते हुुए स्थिति पर नजर रखे रहा। जब सीएम इस रास्ते से नहीं आए तो समिति ने अपना धरना समाप्त कर दिया। इसके साथ ही प्रशासन को भी राहत की सांस मिली।
शनिवार को सीएम के हिसार दौरे को लेकर कैथल से गुजरने की सूचना पर शनिवार को तितरम मोड पर समिति के सदस्य सीएम को काले झंडे दिखाने के उद्देश्य से एकत्रित हो गए। समिति के सदस्यों ने एक दिवसीय धरना देकर सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष बलवान कोटड़ा व जिलाध्यक्ष प्रवीन किच्छाना ने की। कोटड़ा व किच्छाना ने कहा कि प्रदेश सरकार समिति से चार बार समझौता करके अपने वायदे से मुकर चुकी है और सरकार ने ना तो दर्ज मुकदमों को वापस लिया है और न ही आरक्षण के संदर्भ में कोई ठोस कर्रवाई की है। जिसका बदला समाज आने वाले चुनावों में वोट की ताकत से लेगा राजा कसान व शमशेर नीमवाला ने बताया कि शनिवार को मुख्यमंत्री का कार्यक्रम हिसार में रैली का था। जिसका संघर्ष समिति ने बहिष्कार का एलान किया था। लेकिन समिति के विरोध के सामने सरकार को झुकना पड़ा और सीएम को अपना कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। बालू खाप प्रधान शीशराम बालू और दलीपा बालू ने बताया कि जब तक सरकार सभी मांगो को लागू नहीं करती तब तक मंत्रियों का विरोध जारी रहेगा। इस अवसर पर शमशेर नरड़, अजमेर हरसोला, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सोनू सोंगल, जोगी राम चौशाला, बलु गुलियाणा, रामकरण कोटड़ा, संदीप कुकंडा, रतन चंदाना, कुलदीप गढ़ी, सतबीर मलिक आदि मौजूद रहे।
जब सीएम का दौरा रद्द हो गया तो कर दिया धरना खत्म : पूरा दिन से धरना दे रहे समिति सदस्यों को जब यह पता चल गया कि सीएम अब इस रास्ते से नहीं आएंगे तो उन्होंने करीब 3 बजे अपना धरना समाप्त कर दिया। इसी के साथ ही अलर्ट मोड पर पुलिस-प्रशासन ने भी बड़ी राहत की सांस ली।