शिक्षा मंत्री को ही नहीं पता कि क्यों बढ़ाई गई इतनी फीस
एचटेट की फीस वृद्धि का मामला
शिक्षामंत्री ने कहा- पता करवाएंगे क्यों बढ़ाई फीस, उनकी जानकारी में नहीं था फैसला
- बेरोजगारों से कमाई चाहती है भाजपा सरकार, जबकि रोजगार देने के दिखाए थे सब्जबाग : भूपेंद्र सिंह हुड्डा
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। एचटेट की परीक्षा के लिए बढ़ाई गई फीस का फैसला शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा के संज्ञान में भी नहीं था। अमर उजाला द्वारा इस बारे में समाचार प्रकाशित करने के बाद वीरवार को शिक्षामंत्री ने कहा कि पता करवाया जाएगा कि फीस किन कारणों से इतनी ज्यादा बढ़ाई गई है। दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने फीस में इतनी ज्यादा बढ़ोत्तरी पर कहा कि सरकार बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार देने की बजाए उन्हीं से कमाई करना चाहती है।
विदित रहे कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा के लिए इस बार फीस में बेतहाशा वृद्धि की है। पीजीटी के लिए तो 2400 रुपये तक फीस है। वहीं टीजीटी के लिए 1800 तो जेबीटी के लिए 1000 रुपये। जबकि पहले यह अधिकतम 700 रुपये थी।
शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने अमर उजाला से बातचीत में इस संदर्भ में कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं हैं। वे पता करवाएंगे कि किन कारणों से इतनी ज्यादा फीस की गई है। इस बारे में अधिकारियों से जवाब लिया जाएगा। इसके बाद ही वे कुछ बता सकते हैं।
दूसरी ओर वीरवार को ही गांव पबनावा में शोक प्रकट करने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने एचटेट की परीक्षा के लिए बेहताशा वृद्धि करके बेरोजगारों के साथ खिलवाड़ किया है। जबकि भाजपा ने चुनाव से पूर्व बेरोजगारों को रोजगार देने और बेरोजगारी भत्ता देने का लालच देकर वोट हथियाने का काम किया। सरकार द्वारा रोजगार दिया जाना तो दूर, बल्कि बेरोजगार युवक-युवतियों से ही कमाई की योजनाएं बनाई जा रही हैं। एचटेट में बढ़ाई गई फीस इसी का नतीजा है। इस तरह के फैसलों से जनता पर बोझ पड़ता है। यह पूरी तरह से जनविरोधी निर्णय है।